उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने दावा किया है कि अगर उनके देश की सुरक्षा को खतरा हुआ तो परमाणु हथियारों से लैस उनका देश दक्षिण कोरिया को ‘पूरी तरह नष्ट’ कर सकता है। सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने सियोल के साथ बातचीत करने से एक बार फिर इनकार कर दिया। सरकारी मीडिया एजेंससी ने गुरुवार (26 फरवरी 2026) को यह जानकारी दी।

हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी की एक बैठक के समापन के दौरान उन्होंने अगले पांच सालों के लिए अपने नीतिगत लक्ष्यों की रूपरेखा पेश करते हुए वाशिंगटन से बातचीत के लिए अपने रास्ते खुले रखे। हाल के वर्षों में किम ने सियोल के प्रति अपनी बयानबाजी को और तीखा कर दिया है और उसके साथ कूटनीति के प्रति अपनी अस्वीकृति पर जोर दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे सैन्य संघर्ष की आशंका नहीं है। बल्कि इसका उद्देश्य एक व्यापक रणनीति को आगे बढ़ाना है जिसके तहत किम के परमाणु हथियारों और मॉस्को तथा बीजिंग के साथ संबंधों के बल पर उत्तर कोरिया की अधिक मजबूत और प्रभावशाली भूमिका स्थापित करना है।

आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ ने कहा कि किम ने अपनी परमाणु-संपन्न सेना को मजबूत करने के लिए नयी हथियार प्रणालियों (New Weapon System) को विकसित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में उनके परमाणु और मिसाइल के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास ने देश को परमाणु हथियार संपन्न देश के रूप में उभारा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका लंबे समय से रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करना चाहता है तो उसे उत्तर कोरिया के प्रति अपनी कथित ‘शत्रुतापूर्ण’ नीतियों को छोड़ना होगा।

दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय (Ministry of Integration) ने कहा कि उत्तर कोरिया का अंतर-कोरियाई संबंधों (inter-Korean Relationships) को शत्रुतापूर्ण रूप में परिभाषित किया जाना खेदजनक है और सियोल शांति के प्रयासों को ‘धैर्यपूर्वक’ जारी रखेगा।

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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार, 27 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है। भारत-कनाडा के बीच पिछले तीन सालों से संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। कनाडाई पीएम कार्नी का यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कार्नी पीएम मोदी के अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ