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टकराव के बीच उत्‍तर कोरिया ने 21 वर्षीय अमेरिकी छात्र को सुनाई 15 साल की सजा, US ने लगाई रहम की गुहार

चीनी कंपनी यंग पाइनियर टूअर्स ने प्‍योंगयांग (उत्‍तर कोरिया की राजधानी) का ट्रिप ऑर्गनाइज किया था। इस ट्रिप पर फ्रेडरिक भी गया था। उसे 2 जनवरी 2016 को गिरफ्तार किया गया था।

Author वॉशिंगटन | March 17, 2016 5:25 PM
ओटो फ्रेडरिक वॉर्मबियर को फरवरी में मीडिया के सामने पेश किया गया था। उस वक्‍त भी फ्रेडरिक ने अपनी गलती मानते हुए माफी की अपील की थी।

अमेरिका के साथ चल रहे टकराव के बीच उत्‍तर कोरिया ने एक अमेरिकी छात्र को 15 साल सश्रम कारावास की सजा दी है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओटो फ्रेडरिक वॉर्मबियर को एक होटल पर लगे पॉलिटिकल बैनर को हटाने के लिए यह सजा दी गई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्‍ता मार्क टोनर ने इस सजा को बेहद कठोर बताते हुए उत्‍तर कोरिया से अपील की है कि वह मानवता के आधार पर फ्रेडरिक को रिहा कर दे।

जानकारी के मुताबिक, चीनी कंपनी यंग पाइनियर टूअर्स ने प्‍योंगयांग (उत्‍तर कोरिया की राजधानी) का ट्रिप ऑर्गनाइज किया था। इस ट्रिप पर फ्रेडरिक भी गया था। उसे 2 जनवरी 2016 को गिरफ्तार किया गया था। उत्‍तर कोरियाई सुरक्षाबलों ने फ्रेडरिक को उस वक्‍त गिरफ्तार किया था, जब वह प्‍लेन में बैठने ही वाला था। वह यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया का स्टूडेंट है।दूसरी ओर 21 वर्षीय फ्रेडरिक ने उत्‍तर कोरिया से भावुक अपील की है। उसने कहा, ‘मेरे बहन और भाई को मेरी जरूरत है। मैं आपसे रहम की भीख मांगता हूं। आप मुझमें सिर्फ एक इंसान के तौर पर देखें। मुझसे मेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती हो गई है।’ उत्‍तर कोरिया की मानवाधिकार कमेटी के एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर ग्रेग स्‍कारलाटुई ने कहा कि ऐसा संभव है कि फ्रेडरिक को खेती के काम में लगाया जाए।

फरवरी में जब उसे उत्‍त्‍र कोरियाई मीडिया के सामने उसे पेश किया गया था, तब उसने सिर झुकाकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। वहीं, उत्‍तर कोरिया का आरोप है कि ओट्टो टूरिस्ट वीजा के जरिए नॉर्थ कोरिया में दाखिल हुआ था। उसका मकसद नॉर्थ कोरिया की यूनिटी को नुकसान पहुंचाना था। वह अमेरिकी सरकार के इशारे पर उत्‍तर कोरिया आया था।

देखें, उत्‍तर कोरिया में मीडिया के सामने अमेरिकी छात्र ने मांगी माफी

अमेरिका ने उत्‍तर कोरिया पर लगाए नए प्रतिबंध

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उत्तर कोरिया के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने संबंधी दस्‍तावेजों पर हस्‍ताक्षर कर दिए हैं। इन प्रतिबंधों को संयुक्‍त राष्‍ट्र का भी समर्थन हासिल है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, व्हाइट हाउस ने बुधवार को नए प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि यह ‘जबरदस्त ताजा प्रतिबंध’ उत्तर कोरिया द्वारा 6 जनवरी को किए गए परमाणु परीक्षण और 7 फरवरी को किए गए बैलेस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण के के बाद लगाए गए हैं। राष्ट्रपति के इस आदेश के बाद उत्तर कोरियाई सरकार और सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी से संबंधित संपत्तियों के लेन-देन पर रोक लग गई है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने इसके अलावा उत्तर कोरिया के 17 सरकारी अधिकारियों और संगठनों पर भी प्रतिबंध लगाए। 20 जहाजों को भी प्रतिबंधित संपत्ति में शामिल किया गया है। साथ ही उत्तर कोरिया के ऊर्जा, खनन, वित्तीय सेवाओं और परिवहन क्षेत्र को भी प्रतिबंध के दायरे में लाया गया है। वहां नए निवेश, वस्तुओं के निर्यात, सेवाओं और प्रौद्योगिकी पर भी रोक लगाई गई है।

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