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…तो हमले की तैयारी करने लगा नॉर्थ कोरिया? इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइलें की तैनात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया को नेस्तनाबूत करने की धमकी दी थी।

Donald Trump, North Korea, North Korea Described Donald Trump, Donald Trump Mentally Retarded, Donald Trump and North Korea, North Korea on US President, Mentally Retarded Level, International newsट्रंप और उन के बीच लंबे समय से वाकयुद्ध चल रहा है।

उत्‍तर कोरिया की राजधानीन प्योंगयांग स्थित रॉकेट केंद्र से कई मिसाइलें हटाई जा रही हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट ने दक्षिण कोरिया के आधकारिक ब्रॉडकास्‍टर की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि अमेरिका ने भी पाया है कि मिसाइलें हटाईं जा रही हैं। हालांकि इस बारे में जानकारी नहीं है कि मिसाइलें कहां ले जाई गईं। हटाई गई मिसाइलें मध्‍यम दूरी की Hwasong-12 और अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक Hwasong-14 हो सकती हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेशमंत्री रेक्स टिलरसन ने शनिवार को कहा कि उनका देश उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु परीक्षणों को लेकर वहां की सरकार से सीधे संपर्क में है। न्यूयार्क टाइम्स की रपट के अनुसार, टिलरसन ने कहा कि वाशिंगटन प्योंगयांग के साथ बातचीत की संभावना तलाश रहा है। टिलरसन ने चीन के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात के बाद बीजिंग में अमेरिकी राजदूत के आवास पर कहा, “प्योंगयांग के साथ संपर्क के हमारे तार जुड़े हुए हैं। हम किसी अंधी परिस्थिति में नहीं हैं। हमारे पास प्योंगयांग से बातचीत के दो-तीन रास्ते खुले हुए हैं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया को नेस्तनाबूत करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन एक आत्मघाती मिशन पर है। इसके बाद किम ने एक बयान जारी कर मानसिक रूप से विक्षिप्त अमेरिकी बूढ़े को शांत करने की शपथ ली थी। टिलरसन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य अधिकारियों से मुलाकात करने के लिए चीन में हैं। उन्हें आशा है कि वह प्रतिबंधों को लागू करने के लिए चीन को प्रोत्साहित करेंगे।

चीन ने इस सप्ताह अपनी धरती पर कारोबार कर रहे उत्तर कोरियाई कारोबारियों से कह दिया है कि वे अपने कारोबार बंद कर दें। टिलरसन की टिप्पणी इस संकेत की सूचक है कि ट्रंप प्रशासन उत्तर कोरिया के साथ उसी तरह के कदम बढ़ाना चाहता है, जिस तरह ओबामा प्रशासन ने ईरान के साथ किया था। इसके तहत पिछले दरवाजे की कई सारी बातचीत, अत्यंत गोपनीय संपर्को के जरिए वर्षो चली बातचीत के बाद ईरान के साथ एक परमाणु करार हो पाया था।

टिलरसन ने कहा, “हम उत्तर कोरिया के साथ कोई इस तरह का परमाणु करार नहीं करने जा रहे, जो ईरान के साथ हुए करार जैसा कमजोर हो।” चीनी विदेश मंत्रालय की तरफ से शी और टिलरसन की मुलाकात पर जारी एक बयान के अनुसार, इसके पहले शी ने दिन में टिलरसन से कहा कि वह नवंबर में प्रस्तावित टंप के चीन दौरे की सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं।

शी ने कहा, “चीन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे को अत्यंत महत्व देता है और मैं आने वाले वर्षो में अपने द्विपक्षीय संबंधों को आकार देने और उसे आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने को उत्सुक हूं।” टिलरसन ने उत्तर कोरिया की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर लगाम लगाने के उपायों पर चर्चा के लिए चीन के शीर्ष राजनयिकों से भी मुलाकात की। उन्होंने स्टेट काउंसलर यांग जीची और विदेशमंत्री वांग यी से तियानमेन स्क्वे यर के ग्रेट हाल ऑफ द पीपुल में बातचीत की।

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