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हिरोशिमा बम से भी 10 गुना ज्यादा ताकतवर था उत्तर कोरिया का ये वाला परमाणु परीक्षण

उत्तर कोरिया को लेकर वैज्ञानिकों ने एक बड़ा दावा किया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक करीब साल भर पहले उत्तर कोरिया की ओर से किया गया भूमिगत परमाणु परीक्षण दूसरे विश्व युद्ध में जापन के हिरोशिमा में गिराए बम से भी से 10 गुना ज्यादा ताकतवर था।

उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन। (फोइल फोटो- रॉयटर्स)

उत्तर कोरिया को लेकर वैज्ञानिकों ने एक बड़ा दावा किया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक करीब साल भर पहले उत्तर कोरिया की ओर से किया गया भूमिगत परमाणु परीक्षण दूसरे विश्व युद्ध में जापन के हिरोशिमा में गिराए बम से भी से 10 गुना ज्यादा ताकतवर था। यह बम अमेरिका ने हिरोशिमा शहर पर गिराया था, जिसके द्वारा हुई ताबाही के निशान आज भी मिलते हैं। सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी और अमेरिका के बार्कले के वैज्ञानिकों की टीम ने अपनी रिचर्स में पाया कि उत्तर कोरिया के इस परमाणु परीक्षण से हुए विस्फोट की भयावहता इतनी तीव्र थी उसने एक पहाड़ की स्थिति बदल दी थी। जरलत साइंस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक 3 सितंबर 2017 को उत्तर कोरिया की पंगये-री परमाणु परीक्षण साइट पर मंताप पर्वत के नीचे किए गए परमाणु परीक्षण से इलाके में 5.2 मैग्नीट्यूड वाला भूकंप दर्ज किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया का पिछले वर्ष किया गया नया और सबसे बड़ा भूमिगत परमाणु परीक्षण किसी पहाड़ को अपनी जगह से हटाने की पर्याप्त ताकत रखता है।

उत्तर कोरिया को संयुक्त राष्ट्र के कई प्रतिबंधों उल्लंघन करते देखा गया है। अमेरिका लगातार उत्तर कोरिया पर इस बाबत दबाव बनाता है, लेकिन तानाशाह किम जोंग उन पर उसका प्रभाव नाकाम रहा है। काफी प्रयासों के बाद तानाशाह किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगले महीने ऐतिहासिक शिखर वार्ता होने जा रही है। इस मुलाकात से कुछ सकारात्मक परिणामों के निकलने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि किम जोंग उन के एक पूर्व राजनयिक ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों को कभी भी पूरी तरह खत्म नहीं करेगा। ब्रिटेन में उत्तर कोरिया के उप राजदूत रहे थाए योंग हो अगस्त 2016 में अपना पद छोड़कर दक्षिण कोरिया चले गए थे।

थाए ने कहा कि मौजूदा कूटनीतिक कोशिश और बातचीत “वास्तविक और पूरी तरह निरस्त्रीकरण” के साथ समाप्त नहीं होगी हालांकि उत्तर कोरिया की ओर से परमाणु खतरे को जरूर कम कर देगी। बता दें कि पिछले महीने उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के नेताओं ने मुलाकात की थी और कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने पर प्रतिबद्धता जताई थी। सप्ताहांत पर उत्तर कोरिया ने कहा था कि वह अगले हफ्ते अपने परमाणु परीक्षण स्थल को नष्ट कर देगा।

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