ताज़ा खबर
 

अमेरिका-उत्तर कोरिया बातचीत असफल होने की मिली सजा, किम जोंग ने पांच अधिकारियों को उतारा मौत के घाट

उत्तर कोरिया की अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत असफल रहने का खामियाजा वहां के पांच अधिकारियों को चुकाना पड़ा। तानाशाह किम जोंग ने वार्ता असफल रहने पर पांच अधिकारियों को मौत के घाट उतार दिया।

Author नई दिल्ली | May 31, 2019 12:44 PM
तानाशाह किम जोंग और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच इस साल फरवरी में हुई थी बैठक। (फाइल फोटोः एपी)

उत्तर कोरिया के तानाशाह शासक किम जोंग उन की एक और सनक भरी कार्रवाई सामने आई है। किम जोंग ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की शिखर वार्ता असफल रहने पर अपने पांच अधिकारियों को मौत के घाट उतार दिया है। साउथ कोरिया के न्यूजपेपर ने घटना की रिपोर्ट दी है।

साउथ कोरिया के न्यूजपेपर के हवाले से ब्लूमबर्ग न्यूज की खबर है कि उत्तर कोरिया ने अमेरिका में अपने विशेष राजनयिक और उत्तर कोरिया के विदेश विभाग में काम करने वाले 4 अन्य लोगों को मार्च में हत्या कर दी गई। ऐसा वियतनाम के हनोई में अमेरिका के साथ वार्ता असफल रहने के कारण किया गया। फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने वियतनाम के हनोई में शिखर वार्ता के लिए मिले थे।

हालांकि, किम ने अचानक से इस वार्ता को खत्म कर दिया था। इस वार्ता में परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर दोनों नेताओं के बीच किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुए थे। वार्ता के टूटने पर किम के शीर्ष सहयोगी किम योंग चोल को प्रमुख रूप से जिम्मेदार ठहराया गया।

चोल को अन्य चार अधिकारियों के साथ प्योंगयांग में मिरिम एयरपोर्ट पर मार दिया गया। अज्ञात सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इन लोगों पर अमेरिका के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया था। सूत्रों का कहना था कि चोल अमेरिका की मंशा को भापे बिना बातचीत को लेकर सही से रिपोर्ट नहीं कर रहे थे और अमेरिका के लिए जासूसी कर रहे थे।

वाइट हाउस में ट्रंप के साथ दिखे थेः चोल पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ वाइट हाउस में दिखाई दिए थे। वह किम जोंग के पत्र लेकर ट्रंप के पास गए थे। किम योंग चोल उत्तर कोरिया के शीर्ष परमाणु वार्ताकार थे। वे अपने अमेरिकी रक्षा मंत्री माइक पोंपिओ के साथ पिछले साल की शुरुआत में परमाणु हथियारों के मुद्दे पर वार्ता कर रहे थे।

सियोल में कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के सीनियर फेलो ने कहा कि यदि किम चोल को मौत के घाट उतार दिया गया है तो  इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। इसका कारण उनका किम जोंग उन के साथ सीधा संबंध होना है। वह एक प्रमुख व्यक्ति बन चुके थे। होंग ने कहा कि उन्हें इस बात का यकीन नहीं है कि चोल अमेरिका की मंशा भापने में नाकाम रहे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X