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Nobel Prize in Economics 2018: विलियम नॉरधौस और पॉल रोमर को मिलेगा अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार

Nobel Prize in Economics 2018 Winners: इससे पहले मेडिसिन, फिजिक्स, केमेस्ट्री और शांति के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम की घोषणा हुई थी।

अर्थशास्त्र के लिए 2018 के नोबेल पुरस्कार की घोषणा सोमवार को हुई। (फाइल फोटो)

Nobel Prize in Economics 2018 Winners: विलियम नॉरधौस और पॉल रोमर को इस साल संयुक्त रूप से अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार से नवाजा जाएगा। सोमवार (आठ अगस्त) को इस बात की घोषणा रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने की। ये दोनों अमेरिका के जाने-माने अर्थशास्त्री हैं, जिन्हें ग्लोबल वार्मिंग और आर्थिक विकास के बीच के संबंध पर शोध के लिए यह सम्मान मिलेगा। इन दोनों को ही पुरस्कार राशि के रूप में 90 लाख स्वीडिश क्रोनर यानी लगभग 7.35 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। आपको बता दें कि इससे पहले मेडिसिन, फिजिक्स, केमेस्ट्री और शांति के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम की घोषणा हुई थी।

एकेडमी के मुताबिक येल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर नॉरधौस पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने अर्थव्यवस्था और मौसम के बीच होने वाले प्रभावों पर एक मॉडल तैयार किया। वहीं, प्रो.रोमर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस में पढ़ाते हैं। उन्होंने अपने शोध में दर्शाया कि आखिर कैसे आर्थिक शक्तियां कंपनियों को नए आइडिया और तकनीके तैयार करने के लिए प्रेरित करती हैं।

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एकेडमी ने जारी किए बयान में आगे बताया, “इन दोनों अर्थशास्त्रियों के शोधों ने इकनॉमिक एनालिसिस के क्षेत्र को विस्तार दिया है। उन्होंने उनमें बताया है कि कैसे बाजार की अर्थव्यवस्था प्रकृति और ज्ञान के साथ संपर्क में आती है।”

ये दोनों ही क्यों चुने गए?: जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले नुकसान को लेकर नॉरधौस पूर्व में काफी शोध कर चुके हैं। वे उसी के कारण चर्चा में आए थे, जबकि रोमर ने अपने शोधों में समझाया है कि आखिर कैसे अर्थशास्त्री, स्वस्थ आर्थिक विकास की दर को हासिल कर सकते हैं। दोनों ही अर्थशास्त्रियों ने जो मॉडल तैयार किए या सुझाए, वे आर्थिक वृद्धि में विकास के साथ जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ी जाने वाली जंग से जुड़े हैं। नोबेल प्राइज कमेटी का कहना है कि ये दोनों ही अर्थशास्त्री मैक्रोनॉमिक्स को वैश्विक स्तर पर लेकर गए हैं, जिससे कि दुनिया की बड़ी समस्याओं का सामना किया जा सकता है।

नहीं देती है नोबेल कमेटीः रोचक बात है कि अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाने वाला यह प्रतिष्ठित पुरस्कार नोबेल पुरस्कार समिति नहीं देती। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज यह सम्मान हर साल जारी करती है, जिसका नाम स्वैरियस रिक्सबैंक प्राइज (Sveriges Riksbank Prize) है। इकनॉमिक साइंसेज के क्षेत्र का यह पुरस्कार स्वीडन के नामी वैज्ञानिक एल्फ्रेड नोबेल की याद में दिया जाता है।

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