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Nobel Prize 2018 Physics: इन तीन वैज्ञानिकों को मिला भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

Nobel Prize 2018 Physics Winners: नोबेल पुरस्कार इन वैज्ञानिकों को लेजर भौतिकी के फील्ड में अहम अविष्कार करने के लिए दिया गया है। बता दें कि डोन्ना स्ट्रिकलैंड भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली तीसरी महिला वैज्ञानिक हैं।

साल 2018 के नोबेल पुरस्कार (भौतिकी) की हुई घोषणा। (AP Photo/Fernando Vergara, FILE)

साल 2018 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार की मंगलवार को घोषणा कर दी गई है। इस घोषणा के मुताबिक इस साल भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 3 वैज्ञानिकों आर्थर एश्किन, गेरार्ड मोरोउ और डोन्ना स्ट्रिकलैंड को दिया जाएगा। नोबेल पुरस्कार इन वैज्ञानिकों को लेजर भौतिकी के फील्ड में अहम अविष्कार करने के लिए दिया गया है। बता दें कि डोन्ना स्ट्रिकलैंड भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली तीसरी महिला वैज्ञानिक हैं। आर्थर एश्किन अमेरिकन वैज्ञानिक हैं, जिनके ऑप्टिकल ट्वीजर्स और बायोलॉजिकल सिस्टम्स के संबंध में किए गए प्रयोगों को रॉयल स्वीडिश एकेडमी ने मान्यता दी है। वहीं गेरार्ड मोरोउ (फ्रांस) और डोन्ना स्ट्रिकलैंड (कनाडा) को हाई-इंटेसिटी, अल्ट्रा शॉर्ट ऑप्टिकल पल्स को जेनरेट करने के मैथ्ड के लिए नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है।

बता दें कि पिछले साल भी भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 3 वैज्ञानिकों रेनर वीस, बैरी बैरिश और किप थ्रोन को दिया गया था। इन तीनों वैज्ञानिकों को गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाने के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया था। उल्लेखनीय है कि चिकित्सा के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है। जिसके मुताबिक अमेरिका के जेम्स पी.एलिसन और जापान के तासुकु होन्जो को संयुक्त रुप से नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया है। दोनों वैज्ञानिकों को कैंसर सेल्स पर अटैक करने वाली मानव कोशिकाओं की खोज के लिए इस सम्मानित पुरस्कार के लिए चुना गया है।

बता दें कि हर साल विज्ञान, साहित्य के क्षेत्र में महान अविष्कार करने वाले वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंस की तरफ से दिया जाता है, जिसमें पुरस्कार स्वरुप 7,70,000 पाउंड की राशि दी जाती है। गौरतलब है कि इस साल साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जा रहा है। दरअसल नोबेल पुरस्कार का चुनाव करने वाली संस्था स्वीडिश एकेडमी की ज्यूरी की एक सदस्य के पति यौन शोषण के आरोपों में घिरे हैं। जिसके चलते स्वीडिश एकेडमी विवादों में घिरी हुई है।

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