फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के लिए आवाज उठाने वाले फिलिपींस और रूस के पत्रकारों को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के लिए आवाज उठाने वाले इन दोनों पत्रकारों की चर्चा दुनियाभर में हो रही है।

Nobel Peace Prize 2021
फिलिपींस की पत्रकार मारिया रेसा और रूस के पत्रकार दिमित्री मुरातोव को इस पुरस्कार से नवाजा गया है। (फोटो-Twitter/@NobelPrize)

साल 2021 के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा हो गई है। इस बार 2 पत्रकारों को नोबेल शांति पुरस्कार मिला है। फिलिपींस की पत्रकार मारिया रेसा और रूस के पत्रकार दिमित्री मुरातोव को इस पुरस्कार से नवाजा गया है। फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के लिए आवाज उठाने वाले इन दोनों पत्रकारों की चर्चा दुनियाभर में हो रही है।

मारिया रेसा न्यूज साइट रैप्लर की सह-संस्थापक हैं। वह फिलिपींस से नाता रखती हैं और उन्हें यहां कई खुलासे करने की वजह से पहले भी सम्मान मिल चुका है। नोबेल कमेटी ने अभिव्यक्ति की आजादी में उनकी भूमिका की तारीफ करते हुए उन्हें नोबेल पुरस्कार का हकदार बताया।

वहीं रूस के दिमित्री मुरातोव रूस के स्वतंत्र अखबार नोवाजा गजेटा के सह-संस्थापक हैं। वह बीते 24 सालों से मुख्य संपादक की भूमिका में रहे हैं। उन्हें सरकार की योजनाओं की खुलकर आलोचना करने के लिए जाना जाता है। नोबल कमेटी का कहना है कि उन्होंने रूस में अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा की है।

नोबेल पुरस्कार क्या है?

ये पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर मिलता है। वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल ने विस्फोटक डायनामाइट का अविष्कार किया था। लेकिन वह अपने आविष्कार से काफी दुखी थे क्योंकि इसका युद्ध में इस्तेमाल हुआ था। इसी बात के प्रायश्चित के लिए उन्होंने अपनी वसीहत में लिखा था कि उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा एक फंड में रखा जाए और उसके सालाना ब्याज से उन लोगों को पुरस्कृत किया जाए, जिन्होंने मानवजाति के लिए उत्कृष्ट योगदान दिया है। उनकी पांचवी पुण्यतिथि से हर साल इस पुरस्कार को उनके नाम से दिया जाता है।

जिस शख्स को नोबेल पुरस्कार मिलता है, उसे स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (तकरीबन 8.20 करोड़ रुपए) मिलते हैं। स्वीडिश क्रोनर स्वीडन की मुद्रा है।

पदक के एक तरफ अल्फ्रेड नोबेल का चित्र और उनका जन्म तथा मृत्यु वर्ष लिखा होता है और दूसरी तरफ यूनानी देवी आइसिस का चित्र, रायल एकेडमी ऑफ साइंस स्टाकहोम और पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति का नाम और पुरस्कार दिए जाने का वर्ष लिखा होता है।

बता दें कि ये पुरस्कार 10 दिसंबर को स्टाकहोम (स्वीडन) में एक भव्य समारोह में दिया जाता है। जिन क्षेत्रों में ये पुरस्कार मिलता है, उसमें रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, चिकित्सा शास्त्र, अर्थशास्त्र, साहित्य एवं विश्व शांति शामिल हैं।

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