ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय इन दिनों अमेरिका के दौरे पर आए हुए हैं। इस दौरान न्यूयार्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह महाराजा चार्ल्स तृतीय से कोहिनूर हीरा लौटाने का आग्रह करेंगे।
भारतीय मूल के मेयर जोहरान ममदानी ने बुधवार को महाराजा से मुलाकात करने से पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया जिसमें उनसे पूछा गया था कि वह उनसे मिलने पर क्या कहेंगे, इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा, ”अगर मैं महाराजा चार्ल्स तृतीय से अलग से बात करता तो मैं संभवत: उन्हें कोहिनूर हीरा लौटाने के लिए आग्रह करता।”
महाराजा चार्ल्स ने कांग्रेस की बैठक को संबोधित किया
बीते मंगलवार को महाराजा चार्ल्स ने अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। अपने अमेरिका यात्रा के दौरान उन्हें और महारानी कैमिला को व्हाइट हाउस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ड लेजी मेलानिया ट्रंप द्वारा आयोजित राजकीय रात्रिभोज में सम्मानित किया गया।
महाराजा चार्ल्स और महारानी कैमिला ने न्यूयार्क स्थित 9/11 स्मारक का दौरा किया और आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपर मैनहट्टन में बच्चों और परिवारों का समर्थन करने वाले शहरी फार्म के नेटवर्क हार्लेम ग्रोन का भी दौरा किया। जोहरान ममदानी ने 9/11 स्मारक पर महाराजा चार्ल्स से मुलाकात की।
105.6 कैरेट का है कोहिनूर
कोहिनूर हीरा 105.6 कैरेट का है। इसे महाराजा दलीप सिंह ने 1849 में महारानी विक्टोरिया को भेंट किया था। इसके बाद महारानी ने 1937 में इसे अपने मुकुट में जड़वा लिया। भारत ने संकेत दिया है कि वह ब्रिटेन से कोहिनूर हीरे को वापस लाने के तरीकों का पता लगाना जारी रखेगा। भारत समय-समय पर ब्रिटेन सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाता रहा है और उसने कहा कि वह इस मामले को संतोषजनक समाधान निकालने की कोशिश कर रहेगा।
कोहिनूर अभी लंदन टावर में रखा गया है। हिस्टोरिक रॉयल पैलेसेस चैरिटी के मुताबिक, महारानी एलिजाबेथ के मुकुट में जड़े इस हीरे के पूर्व मालिक मुगल सम्राट, ईरान के शाह, अफगानिस्तान के अमीर और सिख महाराजा भी रहे हैं।
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ईरान की इस्लामिक रिवल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरानी सेना ने धमकी देते हुए कहा कि अगर तनाव और भी बढ़ता तो उसकी सेना नए तरीके से लड़ने के लिए तैयार है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
