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विवादित मतदान के बाद अफगानिस्तान के नए राष्ट्रपति अशरफ गनी  ने संभाली सत्ता 

काबुल। वर्ष 2001 में अमेरिकी नेतृत्व में तालिबान को सत्ता से हटाए जाने के बाद देश के पहले लोकतांत्रिक सत्तांतरण के तहत अशरफ गनी अहमदजेई ने सोमवार को अफगानिस्तान के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। गनी ने हामिद करजई की जगह ली है। गनी अहमदजेई ने शपथ ग्रहण करने के कुछ ही क्षण […]

Author September 30, 2014 9:36 AM

काबुल। वर्ष 2001 में अमेरिकी नेतृत्व में तालिबान को सत्ता से हटाए जाने के बाद देश के पहले लोकतांत्रिक सत्तांतरण के तहत अशरफ गनी अहमदजेई ने सोमवार को अफगानिस्तान के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। गनी ने हामिद करजई की जगह ली है।

गनी अहमदजेई ने शपथ ग्रहण करने के कुछ ही क्षण बाद अपने चुनावी प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला को मुख्य कार्यकारी के रूप में शपथ दिलवाई। इस तरह उन्होंने सत्ता में भागीदारी करने व चुनावी तनाव को खत्म करने के लिए किए गए अपने राजनीतिक संकल्प को पूरा किया। चुनावी तनाव के कारण देश के उत्तर और दक्षिण में हिंसा भड़कने का खतरा पैदा हो जाने के बाद यह संकल्प लिया गया था।

गनी अहमदजेई विश्व बैंक के अधिकारी और अफगानिस्तान के वित्त मंत्री रहे हैं। देश के दो उपराष्ट्रपतियों और फिर अब्दुल्ला को शपथ दिलाते समय उन्होंने देश के दक्षिण में लोकप्रिय काली रंग की पगड़ी पहनी हुई थी। पहले संबोधन पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला ने दिया। उन्होंने करजई को उनकी सेवा के लिए व देश की जनता को तालिबानी आतंकियों की धमकियों के बावजूद लाखों की संख्या में वोट डालने के लिए धन्यवाद दिया। तालिबानी आतंकियों ने चुनावी प्रक्रिया को विफल करने की कोशिश की थी।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘हम राष्ट्रीय एकता सरकार में एकजुट हैं। राष्ट्रीय एकता पैदा करने की हमारी प्रतिबद्धता एकसाथ एकीकृत दल के रूप में पूरी की जाएगी।’ तब गनी अहमदजेई ने करजेई को शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक सत्तांतरण के लिए बधाई दी। फिर उन्होंने राष्ट्रीय एकता सरकार को संभव बनाने के लिए अब्दुल्ला को शुक्रिया कहा।

गनी अहमदजेई ने कहा, ‘मैं आप लोगों से श्रेष्ठ नहीं हूं। यदि मैं कुछ अच्छा करता हूं तो मुझे अपना सहयोग दीजिए। अगर मैं गलती करता हूं तो मुझे ठीक कीजिए।’ करजई ने जब महल में प्रवेश किया तो उनके चेहरे पर एक मुस्कान थी।

करजई ने कहा कि एक दशक से भी ज्यादा समय बाद सत्ता से हटते हुए उन्हें खुशी हो रही है। अमेरिकी राजदूत ने हाल ही में इसे दुनिया का सबसे मुश्किल कार्य बताया था। इस शपथग्रहण समारोह से पहले चुनाव की प्रक्रिया में पूरे छह माह लग गए। इसकी शुरूआत अप्रैल में पहले मतदान के साथ हुई। कई सप्ताह तक गनी अहमदजेई और अब्दुल्ला के बीच धोखाधड़ी के आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। दूसरा निर्णायक मतदान जून में हुआ।
संयुक्त राष्ट्र ने इस मतगणना में मदद की। इस गणना में गनी अहमदजेई का मत प्रतिशत 56 से घटकर 55 फीसद रह गया लेकिन फिर भी उन्हें जीत मिली।

 

 

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