हिजबुल्लाह पर हमला रोकने के अमेरिका की घोषणा के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं, उन्हें अपने ही देश में आलोचना का सामने करना पड़ रहा। हाल में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह घोषणा की कि इजरायल अब बेरूत में ईरान के सहयोगी हिजबुल्लाह पर हमला नहीं करेगा।
इससे नेतन्याहू पर आगामी चुनाव के मद्देनजर दबाव और बढ़ता दिख रहा है, हाल में हुई सर्वे में पता चला कि वे हार रहे हैं।
ट्रंप ने नेतन्याहू के हमले के आदेश के कुछ घंटे बाद घोषणा की
डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि इजरायल और हिज्बुल्लाह एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। यह बयान नेतन्याहू द्वारा बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर नए हमले का आदेश देने के कुछ घंटे बाद बाद आया, जिसके बाद ईरान ने चेतावनी दी कि इजरायल अमेरिका के साथ ईरान की वार्ता को खतरे में डाल रहा है।
बाद में लेबनान सरकार ने इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच एक नए सीजफायर की घोषणा की, जिसके तहत इजरायल दक्षिणी बेरूत पर हमले रोक देगा और हिज्बुल्लाह इजरायल पर हमले बंद कर देगा।
विपक्षी नेताओं ने ट्रंप के आगे झुकने का आरोप लगाया
इस पर नेतन्याहू के विपक्षी नेताओं का कहना है कि उन्होंने इजरायली संप्रभुता पर अपना नियंत्रण खो दिया है। अक्टूबर 2026 तक होने वाले चुनावों में नेतन्याहू के विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर ट्रंप के आगे झुकने का आरोप लगाया है।
पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने कहा, “जगह अलग है, कहानी वही है।” वह गाजा में हमास आतंकवादियों के पुनरुत्थान को लेकर नेतन्याहू पर तंज कस रहे थे। उन्होंने कहा, “एक ऐसी सरकार जिसने इजरायली संप्रभुता पर अपना नियंत्रण खो दिया है।”
नफ्ताली बेनेट के गठबंधन सहयोगी यायर लैपिड ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमले करने पर जोर दिया है। यायर ने एक्स के अपने पोस्ट में कहा, एक पूर्ण संरक्षित देश, जिसका सीधा मतलब था कि नेतन्याहू अमेरिका को इजरायली सैन्य नीति तय करने की अनुमति दे रहे हैं।
सीजफायर के बाद गोलीबारी जारी
16 अप्रैल को अमेरिका की मध्यस्थता से हुए सीजफायर के बावजूद इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच गोलीबारी जारी है। यह संघर्ष 2 मार्च को शुरू हुआ था जब हिजबुल्लाह ने ईरान के समर्थन में इजराइल पर गोलीबारी की।
इसके बाद से इजराइल ने दक्षिणी लेबनान पर अपने हमले तेज कर दिए, जिससे 10 लाख से अधिक लोगों अपना घर छोड़ना पड़ा और हमले में 3,400 से अधिक लोगों ने जान गंवाए। इजराइल उन क्षेत्रों पर बमबारी कर रहा है जिनके बारे में उसका कहना है कि उनका उद्देश्य हिज़्बुल्लाह को जड़ से उखाड़ फेंकना है। हालांकि हिज़्बुल्लाह ने युद्ध में मारे गए अपने लोगों के आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ सीजफायर को आगे बढ़ाने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अगले सप्ताह तक समझौता हो सकता है। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत काफी तेजी से चल रही है। ट्रंप ने एबीसी न्यूज को बताया कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े एक एमओयू को अभी तक मंजूरी नहीं दी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
