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संविधान संशोधन का भारत यात्रा से कोई लेना-देना नहीं : प्रचंड

छह हफ्ते पहले प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद प्रचंड अपनी पहली विदेश यात्रा पर गुरुवार को दिल्ली जाएंगे।
Author काठमांडो | September 15, 2016 02:14 am
पीएम मोदी और नेपाल के नेता प्रचंड।

नेपाल की सत्ता संभालने के बाद भारत की अपनी पहली यात्रा से पहले प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ ने नए संविधान को सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि उनकी नई दिल्ली यात्रा से इसका कोई लेना-देना नहीं है। आंदोलनकारी मधेसी दलों और स्थानीय समूहों के नेताओं के साथ बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में बातचीत के दौरान प्रचंड ने कहा-‘मेरी भारत यात्रा और संविधान संशोधन से जुड़े विषय का आपस में कोई लेना-देना नहीं है।’ छह हफ्ते पहले प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद प्रचंड अपनी पहली विदेश यात्रा पर गुरुवार को दिल्ली जाएंगे। उनकी यह यात्रा चार दिन की होगी। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन हमारा आंतरिक विषय है और हम देश के अंदर राजनीतिक संवाद के माध्यम से इस मुद्दे का हल निकालेंगे।

प्रचंड ने कहा-‘मेरी भारत यात्रा एक कूटनीतिक मामला है और इसका मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना है।’ उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन के मुद्दे पर सरकार व आंदोलनकारी यूनाइटेड मधेसी फ्रंट के बीच मतभेद कम हुए हैं। दोनों पक्षों को मामले का हल निकालने के लिए विश्वास का माहौल बनाना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार संविधान को सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य बनाने को लेकर गंभीर है। उन्होंने भारत की यात्रा को लेकर संसद में कहा कि इस दौरान वह भारत सरकार से पोस्टल हाईवे या हुलाकी राजमार्ग के निर्माण को जल्द से जल्द पूरा करने में मदद करने का अनुरोध करेंगे। भारत ने 1792 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना के 607 किलोमीटर के हिस्से को बनाने के लिए आठ अरब रुपए के अनुदान का करार किया था। प्रचंड ने बताया कि वे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पंचेश्वर बहुउद्देश्यीय विकास परियोजना पर और भूकम्प के बाद पुनर्निर्माण कार्यों में सहायता पर बातचीत करेंगे।

भारत ने पिछले साल नेपाल को विनाशकारी भूकम्प के बाद के पुनर्निर्माण कार्यों के लिए एक अरब डॉलर की आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। प्रचंड ने कहा कि वे बीरगंज में एकीकृत जांच चुंगी के निर्माण और सीमापार सैलाब समेत अन्य मुद्दों को भी उठाएंगे। उन्होंने साफ किया कि वह भारत के साथ अपने राष्ट्रीय हितों के खिलाफ कोई करार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा में हिमाचल प्रदेश में नाथपा झकरी जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण करेंगे और हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ और इसकी उत्पादन इकाइयों का भी दौरा करेंगे।

 

 

 

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