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अपनों’ को ही फूटी आंख नहीं सुहा रहे नेपाली PM! RAW चीफ से की ‘गुपचुप’ भेंट तो बोले 3 पूर्व PM- मंत्रालय और पार्टी को अंधेरे में रखे हुए हैं केपी शर्मा ओली

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली बुधवार को भारत की खुफिया एजेंसी R&AW के प्रमुख समंत कुमार गोयल से मिले थे, इसे लेकर वहां की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र Updated: October 23, 2020 7:58 AM
kp sharma oli nepal disputed mapनेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली। (फाइल फोटो)

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली एक बार अपने ही देशों में विवादों के घेरे में आ गए हैं। दरअसल, ओली हाल ही में काठमांडू में भारत की खुफिया एजेंसी R&AW के प्रमुख समंत कुमार गोयल से मिले थे। ओली ने इस बैठक की जानकारी ज्यादा लोगों को नहीं दी थी। इस पर अब तीन पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी खुद की पार्टी ने हमलावर रुख अपनाया है और ओली से जवाब मांगे हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने तो ओली की इस हरकत को अनुचित और आपत्तिजनक करार दिया। बता दें कि प्रचंड इस वक्त नेपाल की सत्तासीन कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष भी हैं। ओली भी इसी पार्टी का हिस्सा हैं। प्रचंड के अलावा पूर्व पीएम झालानाथ खनल, माधव कुमार नेपाल और पूर्व डिप्टी पीएम भीम बहादुर रावल और नारायण काजी श्रेष्ठ ने इस मुद्दे पर अलग से बैठक की। पार्टी के कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी ओली की निंदा की और पीएम से मांग की कि वे R&AW के साथ दो घंटे तक चली बैठक की पूरी जानकारी दें।

बताया गया है कि R&AW प्रमुख गोयल और उनकी टीम बुधवार को विशेष विमान से काठमांडू पहुंची थी। यहां वे विपक्ष के नेता शेर बहादुर देउबा से भी मिले थे। इसके अलावा 24 घंटे नेपाल में रहने के दौरान गोयल ने पूर्व पीएम बाबूराम भट्टराय और मधेशियों के नेता महंत ठाकुर से भी अलग-अलग मुलाकातें की थीं।

R&AW प्रमुख का नेपाल दौरा भारत के सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अगले महीने होने वाले दौरे के ठीक पहले आया है। गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच पिछले कुछ समय से सीमा विवाद की वजह से रिश्तों में खटास आई है। भारतीय क्षेत्र को नेपाल के नक्शे पर दिखाने वाले कदम के बाद से तो तनाव और ज्यादा बढ़ गया था। हालांकि, अधिकारी स्तर पर दोनों ही देश रिश्ते सुधारने की कोशिश में हैं।

बताया गया है कि प्रचंड इस बैठक पर ओली से काफी नाराज हैं। उन्होंने दो मंत्रियों के सामने ही कहा कि पार्टी और मंत्रियों को अंधेरे में रखकर इस तरह की बैठक में हिस्सा लेने पर जवाब मांगा जाना जरूरी है। बताया गया है कि पूर्व पीएम खनल और माधव नेपाल ने भी गुप्त तरीके से हुई इस बैठक को देशहित के खिलाफ करार दिया।

दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ओली के प्रेस सलाहकार सूर्य थापा ने कहा है कि R&AW प्रमुख ने ओली के साथ सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात की थी। थापा ने बताया कि गोयल ने सिर्फ नेपाल-भारत के बेहतर रिश्ते, पुराने विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने और आपसी सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।

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