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नेपाल: जानेमाने पत्रकार कनक मणि दीक्षित आईसीयू में भर्ती, भ्रष्टाचार के आरोप में हुए हैं गिरफ्तार

कनक मणि दीक्षित ‘हिमाल’ और ‘नेपाली टाइम्स’ पत्रिकाओं के प्रकाशक हैं, उन्हें भारत समर्थक पत्रकार माना जाता है और वह भारत के प्रमुख अखबारों एवं पत्रिकाओं के लिए भी आलेख लिखते हैं।

Author काठमांडो | April 24, 2016 05:57 am
नेपाल के जानेमाने पत्रकार कनक मणि दीक्षित।

अपने सार्वजनिक पद का गलत इस्तेमाल कर एक बड़ी रकम गबन करने के आरोप का सामना कर रहे नेपाल के जानेमाने पत्रकार कनक मणि दीक्षित को शनिवार (23 अप्रैल) को उच्च रक्त-चाप की शिकायत के बाद एक अस्पताल के गहन चिकित्सा केंद्र (आईसीयू) में भर्ती कराया गया। दीक्षित के परिवार के सूत्रों ने बताया कि उन्हें वीर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया ताकि अनियंत्रित रक्त-चाप और हृदय की स्थिति पर काबू पाया जा सके।

गौरतलब है कि दीक्षित ‘हिमाल’ और ‘नेपाली टाइम्स’ पत्रिकाओं के प्रकाशक हैं, उन्हें भारत समर्थक पत्रकार माना जाता है और वह भारत के प्रमुख अखबारों एवं पत्रिकाओं के लिए भी आलेख लिखते हैं। दीक्षित एक नागरिक अधिकार कार्यकर्ता और ‘साझा यातायात’ नाम से नेपाल में संचालित सार्वजनिक परिवहन बस प्रणाली के अध्यक्ष भी हैं। ‘साझा यातायात’ काठमांडो घाटी में अपनी सेवाएं देती है ।

अधिकारों के दुरुपयोग की जांच करने वाले आयोग (सीआईएए) की ओर से तैनात किए गए करीब 20 पुलिसकर्मियों की एक टीम ने (शुक्रवार 22 अप्रैल) यहां पाटन स्थित दीक्षित के आवास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। दीक्षित को गौशाला स्थित मेट्रोपॉलिटन पुलिस सर्किल की हिरासत में रखा गया था। सीआईएए दीक्षित की संपत्ति के ब्योरों की छानबीन कर रहा है। दीक्षित पर आय से अधिक संपत्ति रखने का संदेह है।

इस बीच, नेपाली पत्रकार संघ ने दीक्षित की गिरफ्तारी की निंदा की है और मामले की पूरी जांच की मांग की है। नेपाली पत्रकार संघ ने एक बयान में कहा, ‘‘एक पत्रकार, एक लोकतंत्र समर्थक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता के खिलाफ सीआईएए की ओर से की गई कार्रवाई की हम निंदा करते हैं। उन्हें अमानवीय तरीके से हिरासत में लिया गया है और हम मांग करते हैं कि उन्हें शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक रूप से प्रताड़ित करना बंद किया जाए। दीक्षित को बिना शर्त रिहा किया जाना चाहिए।’’

संघ के अध्यक्ष महेंद्र बिष्ट ने कहा, ‘‘हम जानना चाहते हैं कि सीआईएए की ओर से पत्रकार दीक्षित को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया में सत्ता का गलत इस्तेमाल किया गया या पूर्वाग्रह था । यह स्पष्ट करना होगा । हम पूरे मामले पर लगातार नजर रख रहे हैं ।’’

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