Nepal Home Minister Sudan Gurung Resigns: नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने पदभार संभालने के महज 26 दिन बाद ही गृह मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बुधवार को विवादास्पद कारोबारी दीपक भट्ट के साथ अपने व्यापारिक हिस्सेदारी को लेकर उठे विवाद के बाद इस्तीफा दिया।
अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए एक फेसबुक पोस्ट में गुरुङ ने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक आलोचना को गंभीरता से लिया और सार्वजनिक जीवन में नैतिक मानकों को बनाए रखने के लिए पद छोड़ने का विकल्प चुना। उन्होंने कहा, “मैं सुदन गुरुङ चैत्र 13, 2082 (26 मार्च, 2026) से गृह मंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन कर रहा हूं। हाल ही में, मैंने अपने शेयरों और संबंधित मामलों के बारे में नागरिकों द्वारा उठाए गए सवालों, टिप्पणियों और सार्वजनिक चिंताओं को बहुत गंभीरता से लिया है।”
जनता का विश्वास सर्वोपरि होना चाहिए- सुधन गुरुङ
ईमानदारी के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पद संभालने से पहले जनता का विश्वास सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मेरे लिए नैतिकता किसी भी पद से अधिक महत्वपूर्ण है और जनता के विश्वास से बढ़कर कोई शक्ति नहीं है। आज का ‘Gen Z मूवमेंट, जो सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करता है, यही संदेश देता है: सार्वजनिक जीवन स्वच्छ होना चाहिए और नेतृत्व जवाबदेह होना चाहिए।”
गुरुंग ने व्यापक राजनीतिक संदर्भ और देश के अतीत में किए गए बलिदानों का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब सवाल उठते हैं तो जवाबदेही जरूरी है। गुरुंग ने कहा, “जब मेरे 46 भाइयों और बहनों के खून और बलिदान पर बनी सरकार के खिलाफ सवाल उठते हैं, तो एकमात्र जवाब नैतिकता ही है।”
मामले की निष्पक्ष जांच होगी- सुधन गुरुङ
अपने पद से इस्तीफा देने के फैसले की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि इस कदम से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और हितों के टकराव से बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा, “इसलिए, मेरे से संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पद पर रहते हुए हितों के टकराव से बचने के लिए, मैंने आज से गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है।”
गुरुङ ने नागरिकों, मीडिया और युवाओं से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपना नैतिक दायित्व पूरा कर लिया है। अब मैं अपने प्रिय मीडिया मित्रों, सभी नेपाली भाइयों और बहनों और युवाओं से अपील करता हूं, अगर हम वास्तव में परिवर्तन चाहते हैं, तो हम सभी को सत्य, ईमानदारी और आत्म-शुद्धि के मार्ग पर चलना होगा। कुछ मीडियाकर्मियों के ‘निहित स्वार्थों’ के बारे में जानकारी अंततः सामने आएगी। जो लोग ‘राम राज्य’ (आदर्श शासन) की आकांक्षा रखते हैं, उनमें त्याग करने का साहस और नैतिक शक्ति भी होनी चाहिए।”
क्या है पूरा विवाद?
अब पूरे विवाद की बात की जाए तो यह गुरुङ की स्टार माइक्रो इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में हिस्सेदारी को लेकर है। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी दीपक भट्टा और कारोबारी सुलभ अग्रवाल भी साझेदार हैं। कंपनी के प्रारंभिक शेयर रजिस्टर में गुरुङ का नाम 49वें नंबर पर है और उन्होंने 25 लाख रुपये का निवेश किया है। 2022 में लाइसेंस प्राप्त इस बीमा कंपनी ने अभी तक आईपीओ जारी नहीं किया है और भट्टा की इंफिनिटी होल्डिंग्स, अग्रवाल की जगदंबा होल्डिंग्स और शंकर समूह इसके निवेशकों में शामिल हैं। यह आरोप भी लगाया गया कि गुरुंग ने अपनी आधिकारिक संपत्ति घोषणा में इन शेयरों को शामिल नहीं किया था।
बालेंद्र शाह बने नेपाल के सबसे युवा पीएम
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेता बालेंद्र शाह शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। अपने समर्थकों के बीच वह ‘बालेन’ के नाम से मशहूर हैं। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन काठमांडू के शीतल निवास स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में नेपाल के स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:34 (भारतीय समयानुसार 12:19) पर हुआ। भारतीय मीडिया में माना जा रहा है कि शुक्रवार को राम नवमी होने के कारण इस दिन को बालेन्द्र शाह के शपथ ग्रहण के लिए चुना गया। पढ़ें पूरी खबर…
