तिब्बत से निकलने वाली भोटे कोशी नदी में बुधवार को आई अचानक बाढ़ से नेपाल के कई इलाके डूब चुके हैं। बाढ़ के कारण नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के कई इलाके जलमग्न हो गए। अब तक कुल 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 33 सुरक्षाकर्मी लापता बताए जा रहे हैं।

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, तिब्बत सीमा के पास स्थित नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे 384 यात्रियों में कम से कम 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं। प्रारंभिक सूची में 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक हैं। इन सभी की सुरक्षा और स्थिति की पुष्टि अभी जारी है।

इस सूची में शामिल 105 भारतीय सबसे बड़ा विदेशी नागरिक समूह हैं। पर्यटन बोर्ड के अनुसार, इसके अतिरिक्त 37 लोगों को एनआरआई के रूप में अलग से सूचीबद्ध किया गया है।

प्रभावित क्षेत्रों और राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण से प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, उफनती नदी ने चीन के तिब्बत में ज़िलोंग से लेकर रसुवा, नुवाकोट (त्रिशुली) और धाडिंग तक फैले 60 किलोमीटर लंबे मार्ग पर स्थित कई बस्तियों को बहा दिया। यह नदी रसुवा में त्रिशुली नदी से मिलती है।

त्रिभुवन त्रिशूला हाई स्कूल, जो इस क्षेत्र का सबसे पुराना और सबसे बड़ा स्कूल है। वह या तो बह गया या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे यह क्षेत्र शेष हिमालयी क्षेत्र से कट गया।

आपदा प्रबंधन अधिकारी ने कहा कि हमें हताहतों के बारे में अपुष्ट खबरें मिली हैं। हम पुष्ट जानकारी जुटा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि तिब्बत में एक ग्लेशियर के पिघलने से नेपाल में सुबह करीब 9:15 बजे भोटे कोशी नदी में बाढ़ आ गई।

अधिकारियों ने कहा कि चीनी पक्ष से प्राप्त जानकारी से संकेत मिलता है कि हालांकि भोटे कोशी में जलस्तर घट रहा है, लेकिन नई बाढ़ के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है।

प्रभावित मार्ग नेपाल के तिब्बत के साथ 260 वर्ष से अधिक पुराने व्यापार मार्ग का हिस्सा है। त्रिशुली नदी पर बने कम से कम आधा दर्जन पुल बह गए हैं, जिनमें मालेखु क्षेत्र के पुल भी शामिल हैं। जिससे दो महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों- चितवन और पोखरा की ओर जाने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया है। प्रारंभिक रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि बाढ़ से कम से कम 430 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने मंत्रिमंडल की आपातकालीन बैठक बुलाई। नेपाल सेना बचाव अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रही है और अन्य सुरक्षा एजेंसियां ​​भी इसमें सहयोग कर रही हैं।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने तिब्बत की सीमा से लगे इलाकों को बहा दिया: अब तक क्या हुआ?

105 भारतीय नागरिक लापता: ये यात्री बाढ़ प्रभावित रसुवा क्षेत्र में थे या वहां से गुजर रहे थे। समझा जाता है कि इनमें से कई कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत जाने की तैयारी कर रहे थे। काठमांडू पोस्ट ने बताया कि लगभग 400 तीर्थयात्री, जिनमें ज्यादातर भारतीय थे। बुधवार को नेपाल-चीन सीमा पार करने वाले थे, लेकिन बाढ़ के कारण यात्रा मार्ग और संचार व्यवस्था बाधित हो गई। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने यात्रियों और उनके परिवारों से अनुरोध किया है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने तक किसी की भी सुरक्षा के बारे में कोई निष्कर्ष न निकालें।

यह प्रारंभिक सूची 10 पर्यटन और यात्रा एजेंसियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। पर्यटन बोर्ड, पर्यटन पुलिस और पर्यटन से जुड़े हितधारक यात्रा एजेंसियों, गाइडों, स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से यात्रियों की सुरक्षा और उनके ठिकाने की पुष्टि कर रहे हैं। 291 विदेशी नागरिकों में से 105 भारतीय नागरिक हैं, जबकि अन्य में ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका, मलेशिया, यूनाइटेड किंगडम और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं। कई अन्य विदेशी यात्रियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि अभी बाकी है, जबकि 37 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) के रूप में सूचीबद्ध हैं।

चीन-नेपाल सीमा के पास बाढ़ का कहर: यह नदी तिब्बत से निकलती है और नेपाल की त्रिशुली नदी में मिल जाती है, जो अंततः भारत में गंडक नदी के रूप में प्रवेश करती है। बाढ़ का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। नेपाल के नुवाकोट स्थित त्रिशुली बाजार में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद का दृश्य। फुटेज में व्यापक तबाही दिखाई दे रही है, जिसमें बाढ़ का पानी मलबा और क्षतिग्रस्त इमारतें बिखेर रहा है।

तिमुरे और स्याप्रू बेसी सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं: रासुवा जिले के तिमुरे और स्याप्रू बेसी में बाढ़ का कहर बरपा है, जहां गांव, बाजार क्षेत्र और बुनियादी ढांचागत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं या बह गई हैं। अधिकारियों ने भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे रहने वाले निवासियों को चेतावनी दी है कि बाढ़ का पानी नीचे की ओर बढ़ने के कारण वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

हेलिकॉप्टरों की तैनाती के साथ कम से कम 25 लोगों को बचाया गया: नेपाल सेना ने बताया कि बुधवार दोपहर तक कम से कम 25 लोगों को बचा लिया गया था, जबकि खोज और बचाव अभियान में हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा था। जलस्तर अधिक होने और सबसे अधिक प्रभावित कुछ क्षेत्रों तक पहुंचने में कठिनाई के कारण बचाव कार्य जटिल हो गया है।

घर, सड़कें और पुल बह गए: भोटे कोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के किनारे बसे बस्तियों और बाज़ार क्षेत्रों में बाढ़ का पानी बह गया, जिससे घर, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों द्वारा कटे हुए क्षेत्रों तक पहुँचने और नुकसान का आकलन करने के कारण विनाश की पूरी सीमा अभी स्पष्ट नहीं है।

नेपाल की 12% से अधिक जलविद्युत क्षमता प्रभावित: नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि लगभग 430 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसमें से अधिकांश जलविद्युत परियोजनाओं से है। रॉयटर्स के अनुमान के अनुसार, यह नेपाल की कुल जलविद्युत क्षमता लगभग 3.2 गीगावाट का 12% से अधिक है। कई जलविद्युत और पारेषण संयंत्र क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सहायता जुटाना शुरू कर दिया है: सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए चिकित्सा दल और एम्बुलेंस तैनात कर दी हैं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन आपातकालीन प्रतिक्रिया में सहायता के लिए चिकित्सा सामग्री और उपकरण तैयार कर रहा है। प्रभावित समुदायों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए काठमांडू के अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

कारण की जांच जारी है, ग्लेशियर विस्फोट (GLOF) की संभावना का आकलन किया जा रहा है: अधिकारियों ने अभी तक इस अचानक आई बाढ़ के कारण की पुष्टि नहीं की है। नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने कहा कि रसुवा में हुई भारी बारिश अकेले बाढ़ का कारण नहीं हो सकती, जबकि उपग्रह चित्रों में तिब्बती क्षेत्र में भारी बारिश दिखाई दे रही है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या ग्लेशियर विस्फोट (GLOF), भूस्खलन से संबंधित अवरोध या पानी के किसी अन्य अचानक बहाव के कारण यह आपदा आई है।

तिब्बत के ग्यिरोंग में ‘भारी हताहत’ की खबर: चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, नेपाल की ओर हुए भूस्खलन से तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में स्थित चीन-नेपाल सीमा चौकी ग्यिरोंग बंदरगाह प्रभावित हुआ है। इलाके में सड़कें, संचार और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है, जबकि हताहतों और लापता लोगों की खबरें आ रही हैं।

शी जिनपिंग सर्च अभियान आदेश दिया: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश और बचाव के लिए व्यापक खोज और बचाव अभियान चलाने का आह्वान किया और अधिकारियों से द्वितीयक आपदाओं को रोकने के लिए निगरानी और पूर्व चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने का आग्रह किया।

Nepal Flood: उत्तरी नेपाल में ‘जल प्रलय’, अचानक आई बाढ़, अलर्ट जारी, देखिए वीडियो

उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने सीमावर्ती बस्तियों में भारी तबाही मचाई और निचले इलाकों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। बताया जा रहा है कि पानी तिब्बत की ओर से आया। पढ़ें पूरी खबर।