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नेपालः ओली पर बन रहा PM पद से इस्तीफा देने का दबाव, पद छिनने के डर से अपने घर में ही रखी गई पार्टी मीटिंग में नहीं पहुंचे

जानकारों का मानना है कि नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली भारत के खिलाफ बयान देकर दिखाना चाहते थे कि वे एक मजबूत नेता हैं, लेकिन उनकी ये कोशिशें काम नहीं आईं।

KP Oliनेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली।

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली अब चौतरफा घिरते नजर आ रहे हैं। भारत के साथ सीमा विवाद पर आक्रामक रुख अख्तियार करने वाले ओली पहले ही चीन द्वारा बड़े हिस्से पर कब्जा करने के विपक्ष के आरोपों से दबाव में हैं। अब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उनकी खुद की पार्टी उन पर पद से इस्तीफा देने का दबाव बना रही है। दरअसल, ओली नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष भी हैं। यह पोस्ट वे अपने धुर विरोधी माने जाने वाले नेता पुष्प कमल दहल (प्रचंड) के साथ साझा करते हैं। हालांकि, अब पार्टी ने उन्हें इनमें से एक पद से इस्तीफा देने के लिए कह दिया है।

ओली पर दबाव किस कदर बढ़ा है, इसका दावा नेपाली मीडिया की एक रिपोर्ट करती है। इसमें कहा गया है कि नेशनल कम्युनिस्ट पार्टी की शुक्रवार को प्रधानमंत्री ओली के घर पर ही हाई-लेवल मीटिंग थी। लेकिन ओली खुद इस बैठक में नहीं पहुंचे। उन्होंने संदेश भिजवाया कि वो कुछ ही देर बाद मीटिंग में शामिल होंगे। लेकिन वे आखिर तक नहीं आए।

नेपाल के जानकारों का मानना है कि पीएम ओली पहले ही पार्टी में काफी नापसंद किए जाते रहे हैं। इसीलिए उन्होंने पिछले महीने जानबूझकर भारत के क्षेत्रों को नेपाल में दिखाने का नक्शा संसद के दोनों सदनों में पास कराया, ताकि पार्टी में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें और ऐसी छवि पेश कर सकें जैसे उन्होंने एक बड़े देश के सामने नेपाल को खड़ा किया। हालांकि, ऐसा नहीं हो पाया और ओली को स्टैंडिंग कमेटी की पहली बैठक में ही प्रचंड की तरफ से आलोचना का सामना करना पड़ा।

नेपाल के द काठमांडू पोस्ट अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीपी प्रमुख प्रचंड ने खेद जताया है कि वे ओली के पांच साल सरकार चलाने के प्रस्ताव को मान गए। प्रचंड ने अखबार से कहा कि या तो हमें अपने रास्ते बदलने होंगे या इन्हें एक जगह लाना होगा। चूंकि अलग होना मुमकिन नहीं, इसलिए रास्तों को मोड़ना जरूरी है। इसके लिए हमें कुछ बलिदान के लिए तैयार रहना होगा। प्रचंड के कैंप के एक नेता गोकरण बिष्ट भी ओली पर निशाना साध चुके हैं। बिष्ट के मुताबिक, एक अध्यक्ष का ही पार्टी की मीटिंग में न पहुंचना शर्मनाक है। स्टैंडिंग कमेटी के एक सदस्य मैत्रिक यादव भी कह चुके हैं कि कई नेता ओली का इस्तीफा चाहते हैं, क्योंकि पार्टी के ज्यादातर सदस्यों को लगता है कि वे सरकार नहीं चला सकते।

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