नेपाल में बृहस्पतिवार की सुबह आम चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। पिछले साल हुए ‘जेन जी’ विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी और अब देश की जनता ने अपनी राय देने की तैयारी कर ली है। इस चुनाव में 1 करोड़ 89 लाख से ज्यादा नेपाली मताधिकार रखने वाले मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर सकेंगे। नेपाल की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए प्रत्यक्ष और अनुपातिक दोनों तरह के मतदान होंगे। प्रत्यक्ष मतदान के लिए 165 सीटों पर कुल 3,406 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं, अनुपातिक मतदान से 110 सीटों पर 3,135 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चलेगा। मतदान खत्म होने के बाद मतपेटियों को तुरंत एकत्र किया जाएगा और मतगणना शुरू हो जाएगी। कार्यवाहक निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने बुधवार को कहा था कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और उन्होंने मतदाताओं से लोकतंत्र में सक्रिय और उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की।

मैदान में तीन बड़े दल हैं

नेपाल की राजनीति में हमेशा बदलाव होते रहते हैं। यहां तीन बड़ी पार्टियां प्रमुख हैं और उनके नेता सत्ता बदलते रहते हैं। पुष्प कमल दहल प्रचंड की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी केंद्र), के.पी. शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) और शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस देश की राजनीति में मुख्य भूमिका निभाती हैं।

पिछले साढ़े तीन दशकों में इन पार्टियों ने लगातार गठबंधन बदलते रहे और अपने फायदे के हिसाब से समझौते किए। यही कारण है कि नेपाल में कोई भी प्रधानमंत्री कभी भी पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। 2017 में यूएमएल सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि 2022 में नेपाली कांग्रेस ने बढ़त बनाई। जुलाई 2024 तक यूएमएल और नेपाली कांग्रेस ने मिलकर ओली को प्रधानमंत्री बनाकर गठबंधन सरकार चलाया। लेकिन ‘जेन जेड’ प्रदर्शनों के बाद यह सरकार भी गिर गई।

चुनाव से पहले हर बार चर्चा होती है कि पार्टियां गठबंधन बनाएंगी, लेकिन नतीजे आने के बाद ये अक्सर टूट जाते हैं। इस बार भी जनता यही देख रही है कि चुनाव के बाद राजनीति में क्या बदलाव आएगा।

मतदाता इस चुनाव को लेकर उत्साहित हैं और कई लोग अपने परिवार के साथ मतदान केंद्र पहुंचे। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नेपाल के लोगों की नजर अब इस चुनाव के नतीजों पर है, क्योंकि आने वाले दिन में नई सरकार और नए प्रधानमंत्री का चेहरा तय होगा।

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नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री ने गुरुवार को होने वाले चुनावों में मतदाताओं से भाग लेने का आह्वान किया। नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सोमवार को मतदाताओं से नेपाल विधानसभा के लिए 5 मार्च को होने वाले चुनाव में भाग लेने का आह्वान किया। देश में पिछले साल हुए Gen Z विरोध प्रदर्शनों के बाद यह पहला चुनाव है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक