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’25 लाख खर्च कर गए थे, कई दिनों तक भूखे रहे, हाथ-पैर बांधकर प्लेन में भेजा’, अमेरिका से जबरन लौटाए गए 150 भारतीयों की दर्दनाक दास्तां!

स्वदेश लौटे इन भारतीय नागरिकों ने अमेरिका में बेहतर जिंदगी के लिए एजेंटो को करीब 25-25 लाख रुपए अदा किए। अमेरिका पहुंचे इन भारतीयों में से कुछ ने वहां नौकरी भी शुरू कर दी थी, मगर अवैध रूप से अमेरिका में घुसने के आरोप में इमिग्रेशन अधिकारियों ने इन्हें पकड़ लिया और भारत वापस भेज दिया गया।

Author नई दिल्ली | Published on: November 21, 2019 12:31 PM
स्वदेश लौटे लोगों में से एक और लक्षविंदर सिंह ने कहा कि उसने अमेरिका में प्रवेश में मदद के लिए अमृतसर-स्थित एक एजेंट को 25 लाख रुपए दिए थे। (ट्विटर)

अमेरिका में बेहतर जिंदगी पाने का सपना टूट जाने और अपनी बचत की बड़ी राशि गंवाने के बाद करीब 150 भारतीय बुधवार (20 नवंबर, 2019) को स्वदेश लौट आए। वीजा नियमों के उल्लंघन करने या अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने के आरोप में इन सभी को स्वदेश भेज दिया गया। एयरपोर्ट से एक के बाद एक निकलते इन लोगों के चेहरे पर उदासी छायी थी। कुछ ने कहा कि वे निरुत्साहित महसूस कर रहे हैं और उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि कई बार के प्रयास के बाद भी अमेरिका में बेहतर जिंदगी का उनका सपना पूरा नहीं हो सका।

दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर जब ये लोग पहुंचे तो इनमें से बहुत से लोगों को कपड़े फटे हुए थे, जूतों के फीते खुले हुए थे। इन्हें अमेरिका के डिटेंशन कैंपों में खाने-पीने, उठने-जागने जैसी पांबदियों के चलते खूब प्रताड़ना झेलनी पड़ी। एक रिपोर्ट के मुताबिक सुबह जब भारतीय दिल्ली पहुंचे तो उनमें से अधिकतर लोगों के हाथ पैर बंधे हुए थे।

स्वदेश लौटे इन भारतीय नागरिकों ने अमेरिका में बेहतर जिंदगी के लिए एजेंटो को करीब 25-25 लाख रुपए अदा किए। अमेरिका पहुंचे इन भारतीयों में से कुछ ने वहां नौकरी भी शुरू कर दी थी, मगर अवैध रूप से अमेरिका में घुसने के आरोप में इमिग्रेशन अधिकारियों ने इन्हें पकड़ लिया और भारत वापस भेज दिया गया।

पंजाब के भटिंडा से सिंह जबरजंग (24) ने कहा, ‘यह चौथी बार है जब मुझे स्वदेश भेजा गया है।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने 15 मई को उड़ान भरी थी और मास्को एवं पेरिस होते हुए मेक्सिको पहुंचा था। वहां से 16 मई को मैंने कैलिफोर्निया जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने मुझे पकड़ लिया और एरिजोना से देश वापस भेज दिया।’ उन्होंने बताया कि चार बार के अपने प्रयास में 24 लाख रुपए खर्च किए और 40 लाख रुपए कानूनी सलाह पर खर्च हुए।

स्वदेश लौटे लोगों में से एक और लक्षविंदर सिंह ने कहा कि उसने अमेरिका में प्रवेश में मदद के लिए अमृतसर-स्थित एक एजेंट को 25 लाख रुपए दिए थे। सिंह ने बताया, ‘एजेंट ने उसे दो मई को मास्को और पेरिस होते हुए मेक्सिको भेजा। जब मैं सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था तभी उन्होंने मुझे पकड़ लिया और अमेरिका में एरिजोना से स्वदेश वापस भेज दिया।’ एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि इन लोगों को लेकर विशेष विमान बुधवार (20 नवंबर, 2019) सुबह छह बजे दिल्ली हवाई अड्डे के र्टिमनल संख्या तीन पर पहुंचा। विमान बांग्लादेश होते हुए भारत पहुंचा है।

अधिकारियों ने बताया कि इमिग्रेशन विभाग ने जरूरी कागजी काम पूरा किया और फिर एक-एक कर सभी 150 यात्री हवाई अड्डे से बाहर आए। इन सभी 150 भारतीयों ने या तो वीजा नियमों का उल्लंघन किया था या फिर उन्होंने अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश किया था। इससे पहले मेक्सिको आव्रजन अधिकारियों ने 18 अक्टूबर को एक महिला समेत 300 से ज्यादा भारतीयों को स्वदेश भेजा था, क्योंकि ये लोग अमेरिका जाने के इरादे से अवैध तरीके से मैक्सिकों में घुसे थे। (भाषा इनपुट सहित)

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