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कुलभूषण जाधव मामला: भारत ने किया विरोध तो बोले नवाज शरीफ- हमारी सेना हर तरीके से तैयार है

भारतीय नौसेना के अफसर की फांसी की सजा को लेकर शरीफ ने कहा कि अगर हमारे ऊपर किसी भी प्रकार का खतरा आता है, तो हमारी सेना हर खतरे से लड़ने के लिए तैयार है।

Author इस्लामाबाद | April 12, 2017 1:28 PM
नवाज शरीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन इसे एक कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। ‘जियो टीवी’ ने प्रधानमंत्री शरीफ के बयान के हवाले से कहा, “संघर्ष के बजाय सहयोग और संदेह के बजाय साझा समृद्धि हमारी नीति की पहचान है। शरीफ रिसालपुर में असगर खान पाकिस्तान वायु सेना अकादमी में कैडेट को संबोधित कर रहे थे। शरीफ ने कहा कि पड़ोसी देशों से दोस्ताना संबंध बनाए रखना पाकिस्तान की नीति है लेकिन इस कमजोरी समझने की गलती नहीं करना चाहिए। शरीफ ने कहा कि अगर हमारे ऊपर किसी भी प्रकार का खतरा आता है, तो हमारी सेना हर खतरे से लड़ने के लिए तैयार है। आपको बता दें कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाने के बाद नवाज शरीफ का यह बौखलाने वाला बयान सामने आया है। य ये बाते नवाज शरीफ ने पाकिस्तानी एयरफोर्स के एक कार्यक्रम के दौरान बयां की।

उन्होंने कहा, हम अपनी संप्रभुता का बचाव और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करने से अनजान नहीं रह सकते। हालांकि नवाज शरीफ के बयान आने सेे पहले भारत की विदेेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी चेतावनी दी है कि यदि जाधव को फांसी दी गई तो द्विपक्षीय संबंधों पर इसका असर पड़ेगा, जिसकेे परिणाम गंभीर होंगे।

वहीं दूसरी ओर भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में ‘‘जासूसी’’ के लिये मौत का फरमान सुनाये जाने की घटना को पाकिस्तानी मीडिया ने आज ‘‘अभूतपूर्व’’ बताया है और विशेषज्ञ उसके कूटनीतिक दुष्परिणामों पर ध्यान दिला रहे हैं। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को ‘‘जासूसी एवं विध्वंसकारी गतिविधियों’’ के लिए दोषी ठहराते हुए उन्हें मौत की सजा सुनायी। सेना की मीडिया शाखा ने कल एक बयान में कहा कि यह सजा ‘फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल’ ने सुनायी और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने इसकी पुष्टि की। दक्षिणपंथी अंग्रेजी भाषी अखबार ‘द नेशन’ ने अपने पहले पन्ने पर ‘डेथ टू स्पाई स्पाइक्स टेंशन’ (जासूस की सजाए मौत बढ़ा रही है तनाव) शीर्षक से अपनी प्रमुख खबर में टिप्पणी की कि ‘सोमवार को एक सैन्य अदालत ने दोनों परमाणु सम्पन्न देशों के बीच लंबे समय से जारी तनाव और बढ़ाते हुए हाई प्रोफाइल भारतीय जासूस को सजाए मौत सुनायी।’

अखबार ने राजनीतिक एवं रक्षा विशेषज्ञ डॉ. हसन अस्करी के हवाले से लिखा कि जाधव को फांसी देने का फैसला ‘‘दोनों देशों के बीच तनाव में और इजाफा करेगा।’ अस्करी ने कहा, ‘‘सेना ने सख्त सजा दी है जो पाकिस्तानी कानून के मुताबिक है।’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें यह देखना होगा कि पाकिस्तान इसके राजनीतिक एवं कूटनीतिक दुष्प्रभावों को झेल सकता है या नहीं।’ ‘द नेशन’ पर ‘नवा-ए-वक्त’ समूह का मालिकाना हक है, जो परंपरागत रूप से पाकिस्तानी संस्थानों से जुड़ा है और इसे भारत के मुखर आलोचक के तौर पर जाना जाता है।

अन्य अखबारों ने भी इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है और अधिकतर ने कथित जासूस को सुनायी गयी सजा पर फोकस किया है।
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने अपने पन्ने पर ‘सेल्फ कन्फेस्ड इंडियन स्पाई अवार्डेड डेथ सेंटेंस’ :स्वघोषित भारतीय जासूस को मौत की सजा: शीर्षक से खबर दी है और इस फैसले को ‘‘अभूतपूर्व’’ बताया है। इसकी रिपोर्ट में इस फैसले से दोनों ‘‘धुर विरोधी’’ पड़ोसी देशों के बीच तत्काल कटु राजनीतिक विवाद पनपने की आशंका जतायी गयी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जाधव हुसैन मुबारक पटेल के नाम से पाकिस्तान में गुप्त तरीके से रहकर संचालन कर रहा था। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डॉन’ ने इस फैसले को ‘‘विरल कदम’’ बताया है। अखबार ने कहा कि यह फैसला ऐसे वक्त में सामने आया है जब पाकिस्तान और भारत के बीच पहले से तनाव जारी है।

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