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ट्रंप की सभा में सुनाई दी मोदी के चुनावी नारों की गूंज, तो ओबामा की आंखों से छलके आंसू, केरी को हुआ दिल्ली के जाम का एहसास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनावी नारा अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की सभा में सुनाई दिया तो बराक ओबामा की भाषण के दौरान आंखें छलक गईं, उबर के सीईओ बिना उपयुक्त वीजा के भारत आ गए और जॉन केरी को भारत में यातायात जाम की समस्या का अनुभव हुआ।
Author नई दिल्ली | December 27, 2016 10:01 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनावी नारा अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की सभा में सुनाई दिया तो बराक ओबामा की भाषण के दौरान आंखें छलक गईं, उबर के सीईओ बिना उपयुक्त वीजा के भारत आ गए और जॉन केरी को भारत में यातायात जाम की समस्या का अनुभव हुआ। तमाम अच्छी बुरी घटनाओं के बीच वर्ष 2016 में बड़े लोगों के साथ हुई इन घटनाओं ने अपने ब्यौरे पढ़ने के लिए पाठकों को रोक ही लिया। अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असर छाया रहा। भारतीय अमेरिकियों को लुभाने की कोशिश में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प ने मोदी का वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव का ‘‘विनिंग स्लोगन’’ उठाया और टीवी पर एक विज्ञापन में वह ‘‘अब की बार, ट्रम्प सरकार’’ कहते नजर आए।

संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का इस साल सितंबर में संस्कृत में अनुवाद किया गया। संयुक्त राष्ट्र की सभी छह आधिकारिक भाषाओं में उपलब्ध यह चार्टर विश्व निकाय की बुनियादी संधि है। संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय संगठन सम्मेलन के खत्म होने के साथ अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 26 जून, 1945 को संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर हस्ताक्षर किए गए थे और यह 24 अक्तूबर, 1945 से प्रभाव में आया। अगस्त के आखिर में मूसलाधार बारिश के कारण दिल्ली में कई स्थानों पर जलजमाव हुआ और यातायात ठप हो गया जिसमें भारत के दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और उनका काफिला भी फंस गया। भारत-अमेरिका सामरिक एवं वाणिज्यिक संवाद में भाग लेने के लिए आए केरी दक्षिणी दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित एक होटल जा रहे थे लेकिन सत्य मार्ग पर उनका काफिला जाम में अटक गया। हालांकि दिल्ली पुलिस और यातायात अधिकारियों ने अपनी ओर से ‘तेजी’ दिखाते हुए उन्हें आगे जाने में मदद की।

‘स्वच्छ भारत’ अभियान से प्रभावित हो कर गूगल ने दिसंबर में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और मध्य प्रदेश में हजारों सार्वजनिक शौचालयों की जानकारियां गूगल मैप्स पर उपलब्ध करा दी ताकि राहगीरों को रास्ते में ‘‘नेचर कॉल’’ के लिए सुविधा मिल सके। भारत में लोगों तक आसान जानकारी पहुंचाने और स्वच्छता में सुधार करने के उद्देश्य से गूगल ने शहरी विकास मंत्रालय के साथ करीबी से काम करते हुए चार हजार से अधिक सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के स्थान, पते और खुलने का समय मैप्स में डाल दिया। अमेरिका में इडली और डोसा की बढ़ती मांग के चलते मिशिगन की एक कंपनी येम फूड्स के लिए कोयंबतूर की ट्राइडेंट इंजीनियरिंग ने 100 लीटर की क्षमता वाली एक चक्की बना डाली जिससें एक बार में 100 लीटर डोसा या इडली का घोल तैयार किया जा सकता है। ट्राइडेंट इंजीनियरिंग के संचालक अनिवासी भारतीय प्रदीपन श्रीनिवासन हैं। येम ने चार मशीनों का आॅर्डर दिया और ट्राईडेंट ने ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत उसे पूरा किया। अमेरिका की ताकतवर बंदूक लॉबी के खिलाफ देश की संसद यानी कांग्रेस का समर्थन जुटाने के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने न्यूटाउन के एक स्कूल में और ओक ग्रीक में सिख श्रद्धालुओं पर हुई गोलीबारी की घटनाओं का जिक्र किया और बंदूकों से होने वाली हिंसक घटनाओं पर लगाम लगाने की खातिर उठाए जाने वाले कदमों का ऐलान किया। इस संबोधन के दौरान ओबामा इतने भावुक हुए कि उनकी आंखों से आंसू निकल आए।

गौरतलब है कि अमेरिका में पिछले एक दशक के दौरान बंदूकधारियों के हाथों अंजाम दी गई गोलीबारी की घटनाओं में लगभग 100,000 लोगों की जान जा चुकी है।
पाकिस्तान में छठी कक्षा में पढ़ने वाले 11 वर्षीय मोहम्मद सबील हैदर ने राष्ट्रपति ममनून हुसैन के कार्यालय पर अपने एक भाषण की कथित चोरी के लिए मुकदमा ठोंक दिया। उसका कहना है कि उसने यह भाषण पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की जयंती पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम में देने के लिए तैयार किया था।
अपने पिता नसीम अब्बास नासिर के जरिये इस्लामाबाद हाईकोर्ट का रूख करने वाले मोहम्मद सबील हैदर ने अपने भाषण की सामग्री ‘‘चुराने’’ और उसकी मंजूरी के बिना उसे किसी और को देने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय के खिलाफ याचिका दायर की है। उबर के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी ट्राविस कलानिक 16 जनवरी को बिना उपयुक्त वीजा के भारत आ गए थे। उच्च स्तरीय हस्तक्षेप के बाद ही वह वापस भेजे जाने से बच सके। स्टार्ट-अप इंडिया कार्यक्रम के लिए बीजिंग से नयी दिल्ली आने के बाद कलानिक को पता चला कि उनके पास उपयुक्त वीजा नहीं हैं। उसके बाद गृह सचिव और आईबी के निदेशक के हस्तक्षेप के बाद ही उन्हें अनुमति मिली। बाद में यह खुलासा खुद कलानिक ने किया।

न्यूयॉर्क में भारतीय अमेरिकी वारिस अहलूवालिया ने पगड़ी उतारने से इंकार किया तो विमानन कंपनी एयरोमेक्सिको के सुरक्षा कर्मी ने विमान में सवार होने से उन्हें रोक दिया। एक नागरिक अधिकार समूह सिख कोएलिशन ने अहलूवालिया और एयरमेक्सिको के बीच गतिरोध दूर करने की पहल की और दो दिन बाद न केवल अहलूवालिया पगड़ी पहन कर मेक्सिको की इस विमानन कंपनी की उड़ान से वापस न्यूयार्क लौटे बल्कि कंपनी ने असुविधा के लिए उनसे माफी भी मांगी।
इस साल जून में बालीवुड अभिनेता रितिक रोशन इस्तांबुल के अतातुर्क हवाईअड्डे के अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पर हुए आत्मघाती हमले में बाल बाल बच गए क्योंकि हमले से कुछ घंटे पहले वह वहीं मौजूद थे। इस हमले में 36 लोगों की मौत हो गई थी। रितिक अपने बच्चों के साथ अफ्रीका में छुट्टियां मनाने गए थे। इस्तांबुल हवाईअड्डे से उन्हें भारत के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़नी थी जो वे पकड़ नहीं पाए। लेकिन फिर इकोनॉमी में टिकट ले कर रितिक रवाना हुए जिसके कुछ ही देर बाद विस्फोट हुआ।

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