नरेंद्र मोदी का ऐलान: 'भारतीयों के लिए सीना तानकर खड़े होने का समय' - Jansatta
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नरेंद्र मोदी का ऐलान: ‘भारतीयों के लिए सीना तानकर खड़े होने का समय’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को डबलिन में भारतवासियों से कहा कि अब उनके लिए सिर झुकाने का नहीं बल्कि सीना तानकर खड़े होने का समय आ गया है।

डबलिन में बुधवार को एक सरकारी इमारत के बाहर आयरलैंड के प्रधानमंत्री एंडा केनी के साथ नरेंद्र मोदी। उन्होंने कहा, संबंधों को मजबूत और सहयोग को गहरा बनाएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को डबलिन में भारतवासियों से कहा कि अब उनके लिए सिर झुकाने का नहीं बल्कि सीना तानकर खड़े होने का समय आ गया है। आयरलैंड की संक्षिप्त यात्रा पर बुधवार को यहां आए मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आइएमएफ, वर्ल्ड बैंक सहित दुनिया की सभी रेटिंग एजंसियां आज कह रही हैं कि भारत दुनिया में सबसे तेज गति से चल रही अर्थव्यस्था है।

उन्होंने कहा, ‘यह सिलसिला अगले 30 साल तक अगर चलता रहा तो हिंदुस्तान में गरीबी का नामोनिशान नहीं रहेगा और नौजवानों को रोजगार मिलेगा। लेकिन 30 साल तक इस गति को बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि लेकिन हम इस चुनौती को पूरा करेंगे क्योंकि हम एक ऐसे कालखंड में हैं जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। भारत में 65 फीसद आबादी 35 साल से कम की है और भारत के नौजवानों का यह सामर्थ्य जो मिला है वह अगले 35 साल में इस सपने को पूरा कर दिखाएगा।


इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘अब भारतीय सीना तानकर आंख मिलाकर बातें करने लगे हैं। इससे बड़ी बात और क्या होगी। भारतीयों के लिए सिर झुकाने का नहीं, सीना तानकर खड़े होने का समय आ गया है।’

संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने को भारत की एक बड़ी सफलता बताते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘अब सारी दुनिया नाक पकड़ने (अनुलोम विलोम करने) लगी है।’ ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका देशों के समूह ब्रिक्स समूह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सबसे लोकप्रिय हो गया है।

उन्होंने कहा कि लेकिन बीच में लोग कहने लगे कि बी, आर, सी, एस (ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका) तो पटरी पर हैं लेकिन आइ (इंडिया) लुढ़क गया और शायद उसकी जगह इंडोनेशिया ले लेगा। लेकिन अब सब कह रहे हैं कि आइ सबसे ताकतवर है और दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने दौरे से पहले दिल्ली में कहा कि भारत को आयरलैंड के साथ जनता-से-जनता के बीच संबंध और प्रगाढ़ होने और आने वाले दिनों में आर्थिक रिश्तों के और विस्तार लेने की उम्मीद है। अमेरिका में मोदी न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र सतत विकास शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वह अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से आयोजित शांति के लिए शिखर बैठक में भी शिरकत करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद मोदी का मकसद द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है। मोदी आयरलैंड के बाद अमेरिका जाएंगे। पिछले 60 साल में आयरलैंड की यात्रा पर आने वाले मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। आयरलैंड पहुंचने के बाद मोदी ने ट्विट किया, ‘भारत-आयरलैंड संबंध को मजबूत और सहयोग को गहरा बनाना है।’

प्रधानमंत्री अमेरिका प्रवास के दौरान विश्व के कई नेताओं से मिलने के अलावा निवेशकों और वित्तीय कंपनियों के प्रमुख लोगों से भी भेंट करेंगे। एक ‘वर्किंग डिनर’ का भी आयोजन किया जाएगा। मोदी वेस्ट कोस्ट भी जाएंगे, जहां वे फेसबुक मुख्यालय जाकर उसके सीईओ मार्क जुकरबर्ग के साथ टाउनहाल प्रश्नोत्तरी में हिस्सा लेंगे। वह गूगल कैम्पस और टेस्ला मोटर्स भी जाएंगे। वे 27 सितंबर को सैन जोस जाएंगे जहां वह भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह यात्रा मेरे पिछले अमेरिका दौरे और राष्ट्रपति ओबामा की इस साल के शुरू में हुई भारत यात्रा के दौरान प्रगाढ़ हुए रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए है। मुझे पूरा विश्वास है कि अमेरिका की मेरी यात्रा फलदायी होगी और विश्व के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच रिश्ते और गहरे होंगे। वे एक ऐतिहासिक अवसर पर अमेरिका जा रहे हैं, जब संयुक्त राष्ट्र अपनी 70वीं वर्षगांठ मना रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र को बहुत महत्त्व देता है। मैंने जुलाई में 193 देशों के शासनाध्यक्षों को पत्र लिख कर संयुक्त राष्ट्र एजंडा और सुधारों को लेकर भारत के दृष्टिकोण का खाका पेश किया था। मुझे खुशी है कि कई देशों के नेताओं ने हमारे दृष्टिकोण की सराहना करते हुए जवाबी पत्र लिखा। इस साल भारत न्यूयार्क में समूह 4 के नेताओं के एक सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन का मुख्य एजंडा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार होगा।

यात्रा के बारे में मोदी ने फेसबुक पर लिखा, ‘हम आने वाले बरसों में आयरलैंड के साथ आर्थिक संबंधों और लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत बनाने की उम्मीद करते हैं।’ भारत और आयरलैंड के बीच संबंध स्वतंत्रता के बाद से ही हैं और साल 2013 में दोनों देशों के बीच वस्तु और सेवाओं का कुल कारोबार 2.48 अरब यूरो था।

आयरलैंड से निर्यात होने वाले महत्त्वपूर्ण उत्पादों में कंप्यूटर हार्डवेयर, साफ्टवेयर, फार्मास्यूटिकल्स और केमिकल्स, मशीनरी आदि शामिल हैं। दूसरी ओर भारत उस देश को कपड़ा, परिधान, फर्मास्यूटिकल्स, हल्के इंजीनियरिंग उत्पाद और केमिकल्स आदि निर्यात करता है।

आयरलैंड में जिन महत्त्वपूर्ण भारतीय कंपनियों की मौजूदगी है, उनमें वोकहार्ट, सन फार्मा, रिलायंस जेनेमेडिक्स और फर्स्ट सोर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल और विप्रो जैसी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां शामिल हैं।

आयरलैंड में भारतीय मूल के करीब 26 हजार लोग रहते हैं जिनमें से लगभग 17 हजार भारतीय नागरिक हैं। इनमें काफी संख्या में समुदाय के लोग स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में डाक्टर और नर्स हैं। इसके अलावा कुछ अन्य सूचना प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में कार्यरत हैं। आयरलैंड उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय छात्रों के लिए पसंदीदा स्थल के रूप में उभर रहा है, विशेष तौर पर स्नातकोत्तर और पोस्ट डाक्टरल कोर्स में।

डबलिन से प्रधानमंत्री मोदी शाम को न्यूयार्क रवाना होंगे जहां वह संयुक्त राष्ट्र सतत विकास शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे और शांतिरक्षण के विषय पर शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे जिसकी मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा करेंगे। मोदी से पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू 1956 में आयरलैंड गए थे।

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