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दक्षिण कोरिया में मोदी ने कहा: ‘एकजुट एशिया देगा विश्व को आकार’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एशियाई देशों के बीच एकता की वकालत करते हुए कहा कि उन्हें विश्व को आकार देने के लिए और संयुक्त राष्ट्र समेत शासन की वैश्विक संस्थाओं में सुधार के लिए एशियाई होने के तौर पर काम करना चाहिए।

Author May 19, 2015 10:42 AM
मोदी सरकार पहली सालगिरह के चलते पार्टी में जश्न का माहौल है (फोटो: रॉयटर्स)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एशियाई देशों के बीच एकता की वकालत करते हुए कहा कि उन्हें विश्व को आकार देने के लिए और संयुक्त राष्ट्र समेत शासन की वैश्विक संस्थाओं में सुधार के लिए एशियाई होने के तौर पर काम करना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिणी कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित छठे एशिया नेतृत्व सम्मेलन में कहा कि यदि एशिया को एक बनकर उभरना है, तो उसे अपने आप को क्षेत्रीय धड़े के रूप में नहीं सोचना चाहिए।

प्रतिद्वन्द्विता के कारण एशिया महाद्वीप के पिछड़ने का जिक्र करते हुए उन्होंने एशियाई एशियाई देशों से अपनी साझी विरासत और युवा ऊर्जा का इस्तेमाल एक साझा उद्देश्य को हासिल करने के लिए कहा। मोदी ने कहा, एकजुट एशिया विश्व को आकार देगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत साझा समृद्धि वाला एक ऐसा एशिया चाहता है, जहां एक राष्ट्र की सफलता दूसरे की ताकत बने।

गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया ने भारत को बुनियादी ढांचा विकास और अन्य विविधीकृत क्षेत्रों के लिए 10 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। दक्षिण कोरिया ने भारत को बुनियादी ढांचा विकास, स्मार्ट शहरों के विकास, रेलवे, बिजली उत्पादन और अन्य विविधीकृत क्षेत्रों के लिए 10 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंध का स्तर बढ़ा कर इसे ‘विशेष रणनीतिक भागीदारी’ के स्तर पर पहुंचाने पर सहमति जताई है।

कोरियाई निवेशकों को आकर्षित करने के मिशन के साथ आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्यून ह्ये ने विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। राष्ट्रपति भवन में हुई इस बातचीत में दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों में नए तत्व, गति और नई विषय वस्तुओं को जोड़कर इसे गुणत्वमक रूप से नए स्तरों पर ले जाने का संकल्प किया। इन तत्वों और विषयों में रक्षा, व्यापार, निवेश व क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े विषय शामिल होंगे।

राष्ट्रपति पार्क के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि कोरिया की तेज प्रगति ने इस सदी के एशियाई सदी होने के विचार को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगोलिया के बाद यहां पहुंचे हैं, जो इस दौरान सबसे पहले चीन गए।

राष्ट्रपति पार्क ने कहा कि दोनों देशों के बीच गठजोड़ उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुआ है और दोनों पक्ष कारोबार का माहौल सुधारने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। दोनों पक्षों ने सात समझौतों हस्ताक्षर किए, जिनमें दोहरे कराधान से बचाव और आय पर कर की चोरी से संबंधित राजकोषीय अपवंचन रोकने में सहयोग से संबंधी करार शामिल है।

वार्ता के अंत में जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत कोरिया को अपनी ‘पूर्वी देशों के साथ काम करने’ (ऐक्ट ईस्ट) की रणनीति का अपरिहार्य भागीदार मानता है। दोनों देश द्विपक्षीय भागीदारी के मूल्य और एशिया प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के क्षेत्र में योगदान का मूल्य समझते हैं।

बयान में कहा गया है कि कोरिया के रणनीति एवं वित्त मंत्रालय और कोरियायी आयात-निर्यात बैंक ने भारत को बुनियादी ढांचा क्षेत्र के विकास में सहयोग के लिए 10 अरब डॉलर प्रदान करने की मंशा जाहिर की। इसमें से एक अरब डॉलर अर्थिक विकास सहयोग कोष के लिए और नौ अरब डॉलर स्मार्ट शहर, रेलवे, बिजली उत्पादन और पारेषण एवं अन्य सहमति योग्य क्षेत्र में निर्यात ऋण के रूप में होगा।

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