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दुनिया की मेहरबानी नहीं, बराबरी चाहिए: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ब्रिटेन यात्रा के आज दूसरे दिन वेम्बले स्टेडियम पहुंचे। वे यहां मौजूद लगभग 60 हजार भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे हैं
Author लंदन | November 14, 2015 18:01 pm

असहिष्णुता के मुद्दे पर देश में आलोचनाओं का सामना कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है और विविधता हमारी आन, बान, शान है जो हमारी ताकत और गौरव है, साथ ही उन्होंने शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के महत्व को भी रेखांकित किया। वेम्बले स्टेडियम में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन, गुजरात के मुस्लिम समुदाय समेत सभी समुदायों के करीब 50 हजार की संख्या में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘भारत में बड़े पैमाने पर विविधिता उसकी आन, बान, शान और शक्ति है।’’

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की धरती पर रहीम और कबीर की बातें हम सबको प्रेरणा देती हैं। सूफी परंपरा अगर बलवान हुई होती और इस्लाम में ही सूफी परंपरा का प्रभाव बढ़ा होता और जिसने भी सूफी परंपरा को समझा होता तब वह हाथ में बंदूक लेने का विचार नहीं करता। महात्मा गांधी के अहिंसा के संदेश में भी यह प्रेरणा और ताकत है।

भारत में विविधता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे यहां सौ भाषाएं, 1500 बोलियों और हजारों खानपान की पद्धतियां और सैकड़ों वेशभूषाएं हैं। इतनी सारी विविधताएं हैं लेकिन यह विविधता हमारी विशेषता भी है, और हमारी आन, बान, शान भी है और हमारी शक्ति भी है।

मोदी ने कहा कि यह भारतीय समुदाय ने सिखाया है कि विविधताओं के बीच भी सबसे साथ मिलकर जिया जाता है, अपनी परंपराओं को बचाते हुए, दूसरों को बिना खरोंच पहुंचाते हुए, कैसे घुलमिलकर रहा जा सकता है, इसी से हिन्दुस्तान की सही पहचान बनती है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कैमरन ने मोदी की यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, ‘‘जब संयुक्त राष्ट्र की बात आती है तब आप जानते हैं क्या होने की जरूरत है, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्य बनने की।’’

आतंकवाद के मुद्दे पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कैमरन ने कहा कि यह दोनों देशों के अस्तित्व के समक्ष खतरा है और वे इससे निपटने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। उन्होंने इस संदर्भ में मुम्बई और लंदन आतंकी हमलों की याद दिलायी।

मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की मेहरबानी नहीं चाहता है बल्कि वह बराबरी चाहता है और पिछले 18 महीनों में यह शुभ संकेत सामने आने लगा है कि आज भारत से जो भी बात करता है वह बराबरी से बात करता है।

प्रधानमंत्री ने वेम्बले स्टेडियम में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और विशाल संख्या में भारतीय समुदाय के लोगों की उपस्थिति में कहा, ‘‘दुनिया को भारत ने अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। भारत दुनिया से महरबानी नहीं चाहता । भारत दुनिया से बराबरी चाहता है।’’

उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीने के अपने अनुभवों से मैं कह सकता हूं कि आज जो भी भारत से बात करता है, बराबरी से बात करता है। उल्लेखनीय है कि 18 महीने पहले मोदी के नेतृत्व में भारत में राजग सरकार सत्ता में आई थी।

मोदी ने कहा, ‘‘आज दुनिया का हर देश भारत से जुड़ना चाहता है लेकिन अब वह ‘विन..विन’ के फॉमूर्ले के साथ जुड़ना चाहता है। आगे बढ़ना चाहता है तो कदम से कदम मिलाकर बढ़ना चाहता है। और मैं इसे आने भविष्य के शुभ संकेत के रूप में देख रहा हूं।’’

उन्होंने कहा कि भारत ने जो गति और दिशा पकड़ी है, भारत और दुनिया के लोग बहुत जल्दी उसके फल को भी देखना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में यहां आए थे और आज प्रधानमंत्री के रूप में नयी जिम्मेदारी के साथ आए हैं।

मोदी ने कहा कि देशवासियों ने जो नयी जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरा करने के लिए मैं भरपूर कोशिश कर रहा हूं और मैं देशवासियों को यह विश्वास दिलाता हूं कि जो सपने आपने देखें हैं, हर हिन्दुस्तानी ने देखें हैं, उसे पूरा करने का समर्थ्य भारत में है।

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