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नॉर्थ कोरिया का हमलावर रुख जारी, अब किया मीडियम रेंज की दो बैलेस्‍ट‍िक मिसाइलों का टेस्‍ट

इन दोनों को ही मध्यम दूरी की रोडोंग मिसाइलें माना जा रहा है, जिन्हें सड़क पर चल सकने वाले प्रक्षेपण वाहनों की मदद से दागा जा सकता है। रोडोंग की अधिकतम मारक क्षमता करीब 1300 किलोमीटर है।

Author सियोल | March 18, 2016 1:17 PM
साउथ कोरिया के सियोल स्‍थि‍त रेलवे स्‍टेशन पर नॉर्थ कोरिया के मिसाइल टेस्‍ट का टीवी फुटेज देखता एक शख्‍स।(पीटीआई फोटो/18 मार्च, 2016)

तानाशाह किम जोंग-उन द्वारा सिलसिलेवार न्‍यूक्‍लि‍यर और मिसाइल टेस्‍ट करने का संकल्प लिए जाने के कुछ ही दिन बाद नॉर्थ कोरिया ने शुक्रवार को दो मिसाइल टेस्‍ट किए। ऐसा माना जा रहा है कि ये दो बैलेस्टिक मिसाइलों के परीक्षण थे। नॉर्थ कोरिया की ओर से छह जनवरी को अपना चौथा परमाणु परीक्षण किए जाने के बाद से ही विभाजित कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य तनाव बढ़ा हुआ है। इसके एक माह बाद उत्तर कोरिया ने लंबी दूरी वाले रॉकेट का प्रक्षेपण किया था, जिसे व्यापक तौर पर एक गुप्त बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण माना गया था।

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने कहा कि नॉर्थ कोरिया ने दो मिसाइलों के टेस्‍ट किए। इन दोनों को ही मध्यम दूरी की रोडोंग मिसाइलें माना जा रहा है, जिन्हें सड़क पर चल सकने वाले प्रक्षेपण वाहनों की मदद से दागा जा सकता है। रोडोंग की अधिकतम मारक क्षमता करीब 1300 किलोमीटर है। दक्षिण कोरिया के सैन्य अधिकारियों ने कहा कि पहली मिसाइल देश के दक्षिण पश्चिम में स्थित सुक्चोन से स्थानीय समयानुसार सुबह पांच बजकर 55 मिनट पर दागी गई। पूर्वी सागर (जापान सागर) में गिरने से पहले इसने 800 किलोमीटर की दूरी तय की। अधिकारियों ने कहा कि दूसरी मिसाइल लगभग 20 मिनट बाद दागी गई। अपनी उड़ान के कुछ ही क्षण में यह रेडार से गायब हो गई थी।

इन प्रक्षेपणों से एक ही दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा उत्तर कोरिया के खिलाफ इस माह की शुरूआत में स्वीकार किए गए कड़े प्रतिबंधों को लागू करने की बात कही गई थी। पिछले दो सप्ताह में प्योंगयांग नियमित रूप से साउथ कोरिया और अमेरिका के खिलाफ परमाणु हमलों की धमकियां देता रहा है। उत्तर कोरिया दरअसल दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापक सैन्य अभ्यासों से नाराज है और वह इन अभ्यासों को आक्रमण की भड़काऊ तैयारी के रूप में देखता है। संयुक्त अभ्यासों पर अपना गुस्‍सा दर्ज करवाने के लिए उत्तर कोरिया ने 10 मार्च को पूर्वी सागर में छोटी दूरी की दो मिसाइलें दागी थीं।

 

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