ताज़ा खबर
 

सू की को शांति से मिलेगी सत्ता, म्यांमा के राष्ट्रपति का वादा

म्यांमा के सेना प्रमुख के बाद अब देश के राष्ट्रपति ने भी आंग सान सू की की पार्टी को राष्ट्रीय चुनाव में भारी जीत हासिल करने पर बधाई दी है। राष्ट्रपति ने सत्ता के निर्बाध..
Author यंगून | November 13, 2015 01:45 am
(एपी फाइल फोटो)

म्यांमा के सेना प्रमुख के बाद अब देश के राष्ट्रपति ने भी आंग सान सू की की पार्टी को राष्ट्रीय चुनाव में भारी जीत हासिल करने पर बधाई दी है। राष्ट्रपति ने सत्ता के निर्बाध हस्तांतरण का वादा किया है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने गुरुवार सुबह म्यांमा के राष्ट्रपति थीन सीन को फोन कर उन्हें और सरकार को एक ऐतिहासिक, मुक्त और निष्पक्ष आम चुनाव के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने म्यांमा की सुधार प्रक्रिया और इसकी लोकतंत्र समर्थक सू की का समर्थन किया जिन्होंने 2011 में प्रत्यक्ष सैन्य शासन के खात्मे के बाद दो बार अमेरिका का दौरा किया। थीन सीन के सहयोगी यी हुत ने बताया कि फोन पर ओबामा ने अपने समकक्ष से इस मील का पत्थर रहे चुनाव पर गर्व करने को कहा और राष्ट्रपति के साहसिक सुधार की सराहना की।

म्यांमा में लगभग 50 साल तक सेना का प्रभुत्व रहा है। पहले शासन की बागडोर सीधे तौर पर जुंटा के हाथ में रही और फिर साल 2011 से इसके सहयोगियों की अर्द्ध-असैन्य सरकार रही। लेकिन रविवार के चुनाव के बाद अब तक जितनी सीटों पर नतीजे घोषित हुए हैं, उनमें से 85 फीसद से अधिक सीटों पर सू की की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी को जीत हासिल हुई है। लंबे समय तक चले लोकतांत्रिक संघर्ष के बाद हासिल हुई इस भारी जीत में एनएलडी सत्ता का संतुलन साधने के करीब है।

फेसबुक पर बुधवार को जारी किए गए बयान में राष्ट्रपति थीन सीन ने कहा, ‘हम सू की को जनता की सहमति जीतने के लिए मुबारक देना चाहेंगे’। सीन की पार्टी ने हालिया सुधार शुरू किए हैं। बयान में कहा गया, ‘सरकार के रूप में, हम चुनावी नतीजों का सम्मान करेंगे और इन्हें मानेंगे और सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्वक होगा’।

एनएलडी को 256 सीटें हासिल हुई हैं। बहुमत हासिल करने में 70 से कुछ ही अधिक सीटें और चाहिए। लेकिन चूंकि शुक्रवार को अन्य सीटों पर आधिकारिक नतीजे घोषित होने हैं, ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि यह पार्टी इस आंकड़े को छू लेगी।

सू की ने बुधवार को ताकतवर सेना प्रमुख मिन आंग लियांग और थीन सीन के साथ राष्ट्रीय मैत्री वार्ताओं के लिए आह्वान किया था। साथ ही उन्होंने शांतिपूर्ण सत्तांतरण की जरूरत पर भी जोर दिया। दोनों व्यक्ति-मिन आंग लियांग और थीन सीन केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा चुनावों के पूरे नतीजों की घोषणा किए जाने के बाद चर्चा करने पर राजी हो गए। सेना प्रमुख ने सू की को बहुमत हासिल करने के लिए फेसबुक पर बधाई भी दी।

निचले सदन के स्पीकर और पूर्व जनरल श्वे मान ने भी वार्ता के न्योते को स्वीकार कर लिया है। एक समय पर उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए एक समझौते के तहत खड़ा किया गया संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था। इनके बयानों से एनएलडी के कई समर्थकों का डर खत्म हो गया होगा, जिन्हें लोकतांत्रिक आंदोलनों पर पूर्व में की जा चुकी कार्रवाइयों के कारण सेना और उसके राजनीतिक सहयोगियों पर गहरा संदेह रहता है। उन कार्रवाइयों में सैकड़ों लोग मारे गए थे और हजारों को जेल हुई थी।

सू की की पार्टी को 1990 के चुनाव में भारी जीत हासिल हुई थी। लेकिन सेना ने इन नतीजों को नजरअंदाज कर दिया और सत्ता पर अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत कर लिया। लोकतंत्र समर्थक नेता सू की के सत्ता तक के रास्ते में एक बड़ी अड़चन है। यह अड़चन 2008 में सेना का लिखा गया संविधान है। संविधान के मुताबिक, विदेशी बच्चों या विदेशी पति वाला कोई व्यक्ति राष्ट्रपति पद पर आसीन नहीं हो सकता।

सू की के बेटे और दिवंगत पति ब्रितानी मूल के हैं। सू की के पति का निधन ब्रिटेन में हो गया था। उस समय वे म्यांमा में नजरबंद थीं। इसके अलावा सेना को बिना किसी चुनाव के संसद की 25 फीसद सीटें मिली ही हुई हैं। साथ ही म्यांमा के सुरक्षा तंत्रों पर भी सेना का ही नियंत्रण है। इसक अर्थ यही हुआ कि एनएलडी को भारी समर्थन मिलने के बावजूद सेना के हाथ में व्यापक ताकत रहेगी।

ओबामा ने दिलाया असहिष्णुता का ध्यान:
ओबामा ने म्यांमा से धार्मिक असहिष्णुता से निपटने और पूर्ण लोकतंत्र को बढ़ावा देने का अनुरोध किया। इसके अलावा उन्होंने रोहिंग्या मुसलिमों की दुर्दशा को भी रेखांकित किया जिनमें से हजारों को मताधिकार के इस्तेमाल से वंचित रखा गया है।

आंग सांग सू की से बात की और उन्हें बधाई दी। भारत उनका स्वागत करके आनंदित होगा। (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्वीट)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.