ताज़ा खबर
 

म्यांमार के सैनिकों पर आरोप- गांव घेरकर लेते हैं रोहिंग्या मुस्लिमों की जान, सबूत मिटाने को आग के हवाले कर देते हैं लाशें

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक म्यांमार में हिंसा से बचने के लिए देश छोड़कर बांग्लादेश पलायन करने वाले रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों की संख्या 1,23,000 हो गई है।
हिंसा में मारे गए बच्चों और महिलाओं के शवों को ढकते रोहिंग्या मुस्लिम। (Photo Source: AP)

म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर अत्याचार अभी जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक करीब 400 लोगों की मौत इस हिंसा में हो चुकी है। रोहिंग्या मुस्लिमों की हत्या का आरोप म्यांमार के सैनिकों पर लगाया जा रहा है। अल्पसंख्यक समुदाय के वकील का कहना है कि इस नरसंहार के सबूत मिटाने के लिए बर्मा के सैनिक और आम लोग साथ में लगे हुए हैं। ये लोग मारे गए रोहिंग्या मुस्लिमों की लाशों को इकट्ठा करते हैं और फिर जला देते हैं। म्यांमार के रखीन क्षेत्र में हिंसा पर नजर रखने वाली एक संस्था अराकन प्रोजेक्ट की डायरेक्टर क्रिस लेवा ने बताया कि हमारे पास दस्तावेज हैं कि राथेडाउंग क्षेत्र में एक साथ 130 लोगों को मार दिया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य तीन गांवों में भी दर्जनों लोगों को मार देने की खबर मिली है।

उन्होंने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस से बात करते हुए कहा, ‘हम सोचते हैं कि 130 लोग मारे गए हैं, लेकिन यह आंकड़ा इससे भी ज्यादा है। सुरक्षाबल गांवों को घेर लेते हैं और फिर लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग करते है। पिछले साल अक्टूबर-नवंबर महीने में हुई हिंसा की इस बार की हिंसा से तुलना करें तो इस बार यह देखने को मिला है कि इस बार सेना के साथ स्थानीय बौद्ध लोग भी मिले हुए हैं। लोगों की हत्या के बाद हम देख रहे हैं कि सेना और आम लोग मिलकर मृतकों के शवों को इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें जला दते हैं, ताकि कोई सबूत ना रहें।’

वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएससीआर) ने मंगलवार को कहा कि म्यांमार में हिंसा से बचने के लिए देश छोड़कर बांग्लादेश पलायन करने वाले रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों की संख्या पूर्व में सोची गयी संख्या से कहीं ज्यादा 1,23,000 है। यूएनएचसीआर की प्रवक्ता विवियन टैन ने कहा कि रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों की यह संख्या कल की अनुमानित संख्या 87,000 से बढ़ायी गयी है जो स्थापित एवं अस्थायी शरणार्थी शिविरों से जुटाए गए ज्यादा सटीक आंकड़े पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि सभी 36,000 नए शरणार्थियों ने पिछले 24 घंटे में प्रवेश किया। तब भी ‘यह संख्या चिंताजनक है’ और ‘तेजी से बढ़ती जा रही है।’ रोहिंग्या मुस्लिमों का ताजा पलायन 25 अगस्त को तब शुरू हुआ, जब रोहिंग्या विद्रोहियों ने म्यांमार पुलिस की चौकियों पर हमले किए जिसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाब में विद्रोहियों के सफाए के लिए अभियान शुरू किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. R
    Raghuvansi
    Sep 6, 2017 at 1:05 am
    This is justice for Islamic Cancer... Who spreads terrorism all over the world and kill innocent people, if this happen, seems it's justice
    (0)(0)
    Reply