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दिल्ली में मेरी सरकार को भी ‘स्टार्टअप’ में रुकावटों का सामना करना पड़ा: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में अपनी नई सरकार की तुलना स्टार्टअप से करते हुए कहा कि उसे भी अपनी राह में रुकावटों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि..

Author सैन जोस | Published on: September 28, 2015 11:30 AM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में अपनी नई सरकार की तुलना स्टार्टअप से करते हुए कहा कि उसे भी अपनी राह में रुकावटों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज के बड़े कॉरपोरेशन बीते कल में स्टार्टअप ही थे।

मोदी ने भारत और अमेरिका के स्टार्टअप समुदाय के सदस्यों से यहां कहा, ‘‘जब मैं पिछले साल दिल्ली पहुंचा, तो मुझे लगा कि मेरी सरकार एक स्टार्टअप ही है। आपकी तरह मुझे भी राह में कई रुकावटों का सामना करना पड़ा।’’

उन्होंने कहा कि आज के बड़े कॉरपोरेशन बीते कल में स्टार्टअप थे। अब अंतर यह है कि डिजिटल युग ने स्टार्टअप के अनुकूल नया माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप का विचार उनके दिल के करीब है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के बड़े कॉरपोरेशन कल स्टार्टअप ही थे। जो अंतर है वह यह है कि आज का दौर डिजिटल दौर है जिसने स्टार्टअप के लिए नया अनुकूल माहौल तैयार किया है। मोदी ने कहा, ‘‘आपको हैरत हो सकती है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि सरकारें और राष्ट्रीय राजधानियां चीजें शुरू करने की नहीं अपितु रोकने या गति धीमी करने का काम करती है। मुझे पता है कि किसी समय सिलिकॉन वैली का वाशिंगटन के बारे में यही मानना था और ऐसा ही बेंगलूरू में तकनीक विशेषज्ञ नई दिल्ली के बारे में सोचते हैं। मैं जानता हूं कि आपमें से कई यह सोचते हैं कि केवल वही समस्याएं अनसुलझी है जिनके लिए आपने अभी तक ऐप नहीं बनाए हैं।’’

मोदी ने कहा कि वह उनकी चुनौतियों को समझते हैं और साथ ही कुछ नया बनाने के अद्भुत एहसास से भी परिचित हैं। मोदी ने कहा, ‘‘मानव इतिहास की दिशा और प्रगति को कल्पना, प्रेरणा, खोज और नवाचार ने आकार दिया है। मैं अक्सर कहता हूं कि यदि तेज हवा चलती है तो कुछ लोग खिड़की बंद करना पसंद करेंगे जबकि कुछ लोग एक पवनचक्की लगाना चाहेंगे या समुद्र में जाना पसंद करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ किसी चीज को चुनौती या अवसर के रूप में स्वीकार करने का अंतर ही निष्क्रियता एवं पहल, यथास्थिति एवं प्रगति के बीच का अंतर है।’’

मोदी ने कहा कि स्टार्टअप का विचार उतना ही प्राचीन है जितनी पुरानी यह दुनिया है। प्रत्येक आर्थिक युग उसके पहले के समय की बाधाओं, विचारों के विकास और पुराने चीजों को हटाने वाले नए उत्पादों से परिभाषित होता है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप विकास की स्वाभाविक दरों को चुनौती देते है। एक विचार एक वर्ष में एक वैश्विक नाम बन सकता है। उपभोक्ता लाखों की दर, कर्मचारी हजारों की दर और मूल्यांकन अरबों की दर से बढ़ सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न तकनीकों के मेल, विविध क्षेत्रों में एकीकरण और लोगों के किसी विचार को समर्थित करने की चाह ने उपक्रम के लिए एक नई दुनिया खोली है।

मोदी ने कहा, ‘‘यह परिवेश सिलिकॉन वैली में पैदा हुआ था। दुनिया को आकार देने में कैलिफोर्नियाई तट का यह इलाका सबसे अधिक योगदान दे रहा है। बड़े नाम नहीं बल्कि छोटी कंपनियां हर रोज नए तरीके खोजकर कलाकारों और निर्माताओं के आनंद के साथ मानव जीवन को समृद्ध बना रही हैं। यह अमेरिका की सफलता को रेखांकित करता है और दुनिया को प्रोत्साहित करता है।’’

उन्होंने कहा कि वह स्टार्टअप, तकनीक और नवाचार को भारत के बदलाव और देश के युवाओं के लिए रोजगार सृजन के एक उत्साहजनक एवं प्रभावशाली उपकरणों के तौर पर देखते हैं।

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