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अमेरिकी मस्जिदों को भेजे पत्र में मुसलमानों को बताया ‘शैतान की औलाद’, कहा- डोनाल्ड ट्रंप कर देंगे सफाया

अमेरिकी मस्जिदों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ट्रंप "अमेरिका की फिर से सफाई करेंगे और उसे चमका देंगे।"

Author Updated: November 28, 2016 2:57 PM
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Source: AP)

एक अमेरिकी मुस्लिम संगठन ने दावा किया है कि अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक मस्जिदों को धमकी भरे पत्र भेज रहे हैं। काउंसिल ऑन इस्लामिक-अमेरिकन रिलेशंस (सीएआईआर) के अनुसार अमेरिका के कैलिफोर्निया की कुछ मस्जिदों को पिछले हफ्ते मिले पत्र में कहा गया है कि “डोनाल्ड ट्रंप मुसलमानों के साथ वही करेंगे जो एडोल्फ हिटलर ने यहूदियों के संग किया था।” हाथ से लिखे इस पत्र में मुसलमानों को “शैतान की औलाद” कहा गया है। ये पत्र उत्तरी कैलिफोर्निया और दक्षिणी कैलिफोर्निया की मस्जिदों को भेजे गए थे। पत्र में कहा गया है कि ट्रंप मुसलमान आबादी को खत्म करके “अमेरिका की फिर से सफाई करेंगे और उसे चमका देंगे।”

सीएआईआर द्वारा जारी कथित पत्र में कहा गया है, “तुम मुसलमान दुष्ट और गंदे हो। तुम्हारी माताएं वेश्या और तुम्हारे पिता कुत्ते हैं। तुम सब दुष्ट हो और शैतान की पूजा करते हो। लेकिन तुम्हारे दिन पूरे हो गए हैं।” पत्र में मुसलमानों से कहा गया है कि “समझदार अपना बस्ता बांधकर यहां से फुट लेंगे।” इन पत्रों को ‘अमेरिकंस फॉर अ बेटर वे’ की तरफ से भेजा गया है। पत्र के अंत में लिखा गया है, “प्रेसिडेंट दीर्घायु हों और अमेरिका पर ईश्वर की कृपा बनी रहे।”

सीएआईआर के अनुसार सबसे पहले सैन जोस स्थित द एवरग्रीन इस्लामिक सेंटर को ऐसा पत्र मिला। ये संगठन अमेरिका में मुसलमानों के मानवाधिकारों के लिए काम करता है। सेंटर ने 24 नवंबर को अधिकारियों को पत्र मिलने का बारे में सूचना दी। 26 नवंबर को लॉन्ग बीच और पोमोना स्थित इस्लामी सेंटरों को ऐसे ही पत्र मिले। अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई के अनुसार सितंबर 2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकी हमले के बाद मुसलमानों की खिलाफ हिंसा इस समय सबसे ऊंचे स्तर पर है। 2015 में अमेरिका में मुसलमानों पर हमले की 257 घटनाएं हुई थीं जो साल 2014 की तुलना में 67 प्रतिशत ज्यादा थीं।

सीएआईआर के कार्यकारी निदेशक हसम अयलाउश की तरफ से जारी एक बयान में इन पत्रों की जांच की मांग की गई है। बयान में कहा गया है कि अमेरिका में धार्मिक उन्माद को बढ़ावा दिया जा रहा है और राजनीतिक दलों को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। सैन जोसे स्थित इस्लामिक सेंटर के चेयरमैन फैसल यजदी ने कहा है कि वो इस मसले पर मुस्लिम समाज और दूसरे समुदायों के बीच संवाद बढ़ाने की कोशिश करेंगे। सीएआईआर के प्रवक्ता इब्राहिम हूपर ने मीडिया से कहा है कि मुस्लिम विरोधी भावनाओं को भड़काने में अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भड़काऊ बयान भी जिम्मेदार हैं। चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वो अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देंगे।

सीएआईआर के फेसबुक पर जारी किया गया कथित पत्र। (फेसबुक) सीएआईआर के फेसबुक पर जारी किया गया कथित पत्र। (फेसबुक)

वीडियोः अमेरिका के चुनाव से जुड़े रोचक आंकड़े

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