ताज़ा खबर
 

पाकिस्तानी नेता ने पीएम मोदी से मांगी शरण और आर्थिक मदद, बोले- मेरे हजारों रिश्तेदार भारत में दफन

पीएम मोदी से गुहार लगाते हुए MQM लीडर ने कहा कि 22 अगस्त, 2017 के भाषण के बाद कराची में उनके ऑफिस और घर को कब्जे में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें शरण देने का जोखिम नहीं उठा सकते तो आर्थिक मदद ही कर दें।

पाकिस्तान में मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

पाकिस्तान में मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें भारत में राजनीतिक शरण देने की मांग की है। MQM चीफ ने कहा कि पीएम मोदी उन्हें राजनीतिक शरण दें, और अगर देश निर्वासित पाकिस्तानी राजनेता और उनके साथियों को शरण देने में असमर्थ है तो उनकी आर्थिक मदद की जाए।

अल्ताफ हुसैन अभी लंदन में राज्य विरोधी भाषणों के चलते घिरे हैं और हाल के दिनो में मेट्रोपोलिटन पुलिस ने उनकी जमानत शर्तों पर ढील दे दी। अब अगले साल जून में उनके केस का ट्रायल शुरू होना है। उनका पासपोर्ट उनकी जमानत शर्तों के तहत यूके पुलिस के पास है। इसके अलावा जब तक कोर्ट द्वारा अनुमति नहीं दी जाती है, तब तक उन्हें किसी भी यात्रा दस्तावेज के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं है।

उल्लेखनीय है कि हाल में सोशल मीडिया में शेयर किए अपने भाषण में अल्ताफ हुसैन ने कहा कि वो भारत जाना चाहते हैं, क्योंकि उनके दादा वहीं दफन हुए थे। उन्होंने कहा, ‘मेरे दादा को वहीं दफनाया गया है, मेरे हजारों रिश्तेदारों को भारत में ही दफनाया गया है। मैं उनकी कब्र पर जाना चाहता हूं।’

पीएम मोदी से गुहार लगाते हुए MQM लीडर ने कहा कि 22 अगस्त, 2017 के भाषण के बाद कराची में उनके ऑफिस और घर को कब्जे में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें शरण देने का जोखिम नहीं उठा सकते तो आर्थिक मदद ही कर दें।

बता दें कि हुसैन करीब 27 साल पहले लंदन आकर बस गए थे। यहीं से वो अपनी पार्टी कौमी मुत्तहिदा मूवमेंट का संचालन करते हैं। बताया जाता है कि साल 1992 में तत्कालीन दिवंगत प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो ने सेना भेजकर कराची में एमक्यूएम और उसके नेताओं को ठिकाने लगाया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक कराची में उस दिन हजारों लोग मार गए थे। हुसैन इसी बीच अपनी जान को खतरा बताते हुए लंदन में जाकर बस गए। साल 2002 में उन्हें ब्रिटिश नागरिकता मिल गई।

एक रिपोर्ट के मुताबिक हुसैन पर पाकिस्तान में 3576 मामले चल रहे हैं। इससे पहले साल 2014 में हत्या के एक मामले में उन्हें लंदन में गिरफ्तार किया गया, हालांकि तीसरे दिन ही उन्हें जमानत मिल गई। पाकिस्तान में कुछ लोग अल्ताफ हुसैन को पीर भी मानते हैं।

Next Stories
1 पोर्न स्टार की करतूत, प्लेन के अंदर धोखे से शूट कर ली एडल्ट फिल्म, आते-जाते रहे लोग
2 रॉकेट हमले के बाद इजराइल ने गाजा में हमास के ठिकानों को बनाया निशाना
3 TikTok की बेशुमार कामयाबी के पीछे यह 35 साल का अरबपति! सिर्फ 2018 में कमाए 12 अरब डॉलर, जानें कौन हैं Zhang Yiming
ये पढ़ा क्या?
X