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मोदी सरकार ने तस्‍वीरें द‍िखा कर ब्र‍िट‍िश कोर्ट में बताया- व‍िजय माल्‍या को जेल में देंगे स्‍पेशल टॉयलेट

मोदी सरकार ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटिश कोर्ट में बताया कि उन्हें मुंबई के आर्थर रोड जेल में एक अलग वार्ड में रखा जाएगा। यहां वेस्टर्न स्टाइल का टॉयलेट और साफ-सफाई की सुविधा उपलब्ध करवायी जाएगी।

विजय माल्या फिलहाल लंदन में है (एक्सप्रेस फाइल फोटो)।

मोदी सरकार ने मंगलवार को धोखाधड़ी के मामले में देश से फरार चल रहे कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटिश कोर्ट में बताया कि उन्हें मुंबई के आर्थर रोड जेल में एक अलग वार्ड में रखा जाएगा। यहां वेस्टर्न स्टाइल का टॉयलेट और साफ-सफाई की सुविधा उपलब्ध करवायी जाएगी। वहीं, इस मामले पर ब्रिटेन की अदालत ने भारतीय अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर आर्थर रोड जेल की एक कोठरी का वीडियो मांगा है। साथ ही प्रत्यर्पण सुनवाई में समापन दलीलें रखने की तारीख 12 सितंबर निर्धारित की गई है। भारत सरकार की तरफ से ब्रिटिश क्राउन अभियोजन सेवा के समक्ष उपस्थित वकील मार्क समर्स ने कहा कि भारत सरकार इन आश्वासनों का सम्मान करेगी। इससे पहले उन्होंने वेस्टमिनिस्टर मजिस्ट्रेट्स कोर्ट के चीफ मजिस्ट्रेट एम्मा अर्बुथनोट के समक्ष तीसरा आश्वासन पत्र पेश किया। गौर हो कि  माल्या दिवालिया हो चुकी किंग फिशर एयरलाइंस के मालिक हैं। उनके उपर भारत के बैंकों से 90 अरब रूपये उधार लेने का आरोप है, जबकि वे इसे 55 अरब बताते हैं। वे इस पैसे को चुकाने के लिए उत्तरदायी हैं, क्योंकि उन्होंने पर्सनल गारंटी पर ये पैसे उधार लिए थे।

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दरअसल, ब्रिटिश कोर्ट द्वारा भारत के ऐतिहासिक जेलों की स्थिति पर चिंता जताने के बाद मोदी सरकार द्वारा एक बार फिर आश्वसान पत्र पेश किया गया। इसके अनुसार माल्या को भीड़-भाड़ वाले जगहों पर नहीं रखा जाएगा। उनके लिए एक अलग से कोठरी की व्यवस्था की जाएगी, जो कि साफ सुथरा और हाइजेनिक रहेगा। साथ ही इस मौके पर मोदी सरकार द्वारा वेस्टर्न टॉयलेट की पांच तस्वीरें भी पेश की गई। भारत सरकार के वकील समर्स ने कहा कि माल्या को उस जेल में नहीं रखा जाएगा जहां सजायाफ्ता या विचाराधीन कैदियों को रखा जाता है। उन्होंने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि माल्या को प्रत्यर्पण के बाद जिस जेल में रखा जाएगा वह पुनर्निमित और अच्छे से बना होगा। उन्होंने कई तस्वीरें पेश कर अपनी बात साबित करने का प्रयास किया कि वहां माल्या को सूर्य की रौशनी भी मिलेगी। इसके बाद उन्होंने अदालत में कहा कि ब्रिटिश अदालत द्वारा आर्थर रोड सुविधाओं का कोई निरीक्षण आवश्यक नहीं था।

वहीं, दूसरी ओर माल्या के लिए बहस करते हुए बैरिस्टर क्लेयर मोंटगोमेरी ने भारत सरकार के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि “तस्वीरों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इससे स्पष्ट नहीं हो रहा है कि ये सूर्य की रौशनी है या कृत्रिम। उन्होंने कहा कि जेल की बिल्डिंग में प्राकृतिक रौशनी पहुंचना मुश्किल है क्योंकि यह दूसरी बिल्डिंग से होकर नहीं पहुंचता।” दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद ब्रिटिश कोर्ट ने आर्थर रोड जेल की दोपहर के समय का एक वीडियो पेश करने को कहा है। इसके लिए तीन हफ्तों का समय दिया गया है। बता दें कि माल्या पर नौ हजार करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है, जो उन्हाेंने कई पब्लिक सेक्टर की बैंकों से लिया था। ईडी ने कुछ दिनों पहले विशेष अदालत में पेश किए गए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश, 2018 के अंतर्गत माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी करार देने की मांग की थी। उधर, माल्या का कहना है कि वह कर्ज चुकाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। माल्या इन दिनों ब्रिटेन में हैं, जहां वह प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई का सामना कर रहे हैं।

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