कोरोना के खिलाफ छिड़ी जंग में मिली बड़ी सफलता, ब्रिटेन में मर्क गोली के इस्तेमाल को सशर्त मंजूरी

बता दें कि यह एंटीवायरल गोली कोरोना के लक्षणों को कम करने में सहायक मानी जा रही है। माना जा रहा है कि यह गोली गरीब देशों में अस्पतालों पर पड़ने वाले बोझ को कम करने में मददगार साबित होगा।

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अमेरिका, यूरोप और कुछ अन्य देशों में इस गोली को लेकर समीक्षा की जा रही है(फोटो सोर्स: AP)।

कोरोना से छिड़ी जंग में बड़ी सफलता मिली है। बता दें कि कोविड-19 के उपचार में सफल मानी जा रही दुनिया की पहली एंटीवायरल गोली के सशर्त उपयोग को ब्रिटेन ने मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि इस गोली के उपचार को उपयुक्त मानने वाला ब्रिटेन पहला देश है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यह गोली कितनी जल्द लोगों के लिए उपलब्ध होगी।

बता दें कि इसकी मंजूरी के साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। इसका उपयोग उन कोरोना संक्रमित लोगों के लिए होगा, जिनमें गंभीर स्थिति को लेकर कोई एक कारक हो। इसका उपयोग अट्ठारह साल और इससे अधिक उम्र के लोगों के लिए होगा। इस दवा का नाम ‘मोल्नुपिराविर’ है। जिन लोगों में कोविड के हल्के-फुल्के संक्रमण होंगे उन्हें एक दिन में इस गोली को दो बार लेना होगा।

गौरतलब है कि यह एंटीवायरल गोली कोरोना के लक्षणों को कम करने में सहायक होती है। यह लोगों को तेजी से स्वस्थ होने में मदद करती है। माना जा रहा है कि यह गोली गरीब देशों में अस्पतालों पर पड़ने वाले बोझ को कम करने में मददगार साबित होगा। यह गोली महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए जरूरी दो तरीकों औषधि और रोकथाम में मददगार होगी।

जहां एक तरफ ब्रिटेन ने इस गोली को मंजूरी दे दी है तो वही अमेरिका, यूरोप और कुछ अन्य देशों में इसको लेकर समीक्षा की जा रही है। अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इसको लेकर पिछले महीने कहा था कि वह इस गोली की सुरक्षा और इसके असर पर अधिक जानकारी लेने के लिए नवंबर के आखिर में एक पैनल की बैठक बुलाएगा।

बता दें कि कोरोना से उपचार में सहायक मानी जाने वाली इस गोली को ‘मर्क’ नामक औषधि निर्माता कंपनी ने विकसित किया है। अक्टूबर में ब्रिटिश अधिकारियों ने घोषणा की थी कि ‘मोल्नुपिराविर’ की 480,000 खुराक हासिल की है और इन सर्दियों में इनसे हजारों लोगों के उपचार में मदद मिलने की उम्मीद है।

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावीद ने कहा, ‘‘इस दवा को मंजूरी मिलना, हमारे देश के लिए ऐतिहासिक है। ब्रिटेन दुनिया का पहला देश है जिसने इस एंटीवायरस दवा को मंजूरी दी है। इसके उपयोग से कोविड रोगी घर पर ही उपचार पा सकता है।”

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