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नौकरियों पर गाज: स्‍टार्टअप में काम करने वाले हजारों लोग हो रहे बेरोजगार, चीन में भी इस साल 5 लाख लोगों की छंटनी

एक तरफ जहां भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर की नौकरियां खतरे में हैं वहीं दूसरी तरफ चीन में इंडस्ट्रीज बंद होने की कगार पर हैं।

चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

हाल ही में स्नैपडील के विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स समेत कई जगहों से सैकड़ों कर्मचाकरियों की छटनी हुई थी। सॉफ्टबैंक समर्थन वाली ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील ने अलग-अलग सेक्शनों से 500 से 600 कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की थी। वहीं ई-कॉमर्स सेक्टर में स्नैपडील अकेला नहीं है जहां के कर्मचारियों की नौकरी पर गाज गिरी है या आगे गिरने वाली है। खबरों के मुताबिक क्राफ्ट्सविला, येप्मी और टोलेक्सो जैसे कई स्टार्टअप्स हैं जो अपने यहां पर नौकरियों में छटनी कर सकती हैं। क्राफ्ट्सविला ने भी हाल ही में लगभग 100 लोगों को निकाला था जिनमें उनकी प्रोडक्ट और टेक्नॉलोजी टीम के भी लोग शामिल थे। वहीं स्टेजिला कंपनी ने भी घोषणा की थी कि वह फंड नहीं जुटा पाने के चलते वह शटडाउन करने जा रहा है। इस फैसले से कंपनी के 210 कर्मचारी बेरोजगार हो गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 2015 में स्टार्टअप इन्वेस्टमेंट्स में 28% की गिरावट आई। रिसर्च फर्म जेलर 8 के मुताबिक 2016 में ई-कॉमर्स सेक्टर में काम कर रहे लगभग 9 हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया था। वहीं नौकरियों पर गाज सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि चीन में भी गिरने वाली हैं। चीन के मानव संसाधन विकास मंत्री ने भी इस बात की जानकारी दी कि चीन की इंडस्ट्रीज को बंद किया जाएगा और सर्विस सेक्टर या इंटरनेट सेक्टर से जुड़े कारोबारों को बढ़ावा देकर इनमें नई नौकरियां बनाने की कोशिश करेगी। इस फैसले से चीन के लगभग 5 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने यह जानकारी भी दी कि बीते साल भी 7 लाख 20 हजार नौकरियां खत्म की गई थीं।

चीन ने बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर धुंआ छोड़ने वाली ज्यादातर इंजस्ट्रीज को बंद करने का फैसला लिया है। हालांकि चीन ने $14.5 बिलियन का फंड, बेरोजगार हुए कर्मचारियों को सब्सिडी देने के लिए भी आवंटित किया है। पिछले साल भी 30 बिलियन यूआन अलॉट किया गया था। चीनी मंत्री ने यह भी कहा कि बेरोजगार हुए कर्मचारियों को स्थापित कराना हमारी प्राथमिक्ता पर है। हम उन्हें उनके कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि हम इस बात को सुनिश्चित करेंगे की विकास की दर स्थिर बनी रहे।

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