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मसूद अजहर के मुद्दे पर एनएसए अजीत डोभाल की चीन से गहन चर्चा

डोभाल ने कहा कि चीनी समकक्ष यांग के साथ सीमा वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा प्रश्न और आतंकवाद विरोधी लड़ाई जैसे दूसरे मुद्दों पर चर्चा की।

Author बीजिंग | April 21, 2016 10:15 PM
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग से मुलाकात। (पीटीआई फोटो)

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गुरुवार (21 अप्रैल) को कहा कि भारत और चीन ने सीमा प्रश्न के अलावा आतंकवाद विरोधी लड़ाई से जुड़े मुद्दों और संयुक्त राष्ट्र की ओर से जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करवाने के भारत के प्रयास में बीजिंग द्वारा अवरोध पैदा करने के मुद्दे पर भी बातचीत की है। चीन के साथ 19वें दौर की दो दिवसीय सीमा वार्ता संपन्न होने के बाद डोभाल ने प्रधानमंत्री ली क्विंग से मुलाकात की और अपने चीनी समकक्ष यांग जेची के साथ बातचीत के नतीजे पर चर्चा की।

डोभाल का स्वागत करते हुए ली ने दो दिन पहले रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के साथ मुलाकात को याद किया जिस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति पर चर्चा की। ली ने कहा, ‘‘ये मुलाकातें हमारे दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सुरक्षा मामलों में सहज संवाद और निकट संपर्क को दर्शाती हैं। इससे यह भी दिखता कि दोनों पक्ष चीन-भारत संबंधों की तेज प्रगति सुनिश्चित करने को खासा महत्व देते हैं।’’

बाद में डोभाल ने कहा कि यांग के साथ सीमा वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा प्रश्न और आतंकवाद विरोधी लड़ाई जैसे दूसरे मुद्दों पर चर्चा की। यह पूछे जाने पर मसूद अजहर का मुद्दा उठा तो उन्होंने कहा, ‘‘हां, निश्चित तौर पर जब आतंकवाद पर बातचीत हुई।’’ सीमा मुद्दे को लेकर बातचीत पर डोभाल ने कहा कि दोनों पक्ष सीमा पर शांति एवं सौहार्द चाहते हैं। चीन के साथ लगी 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा के सीमांकन पर भारत की ओर से जोर दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर डोभाल ने कहा कि पिछले कुछ समय से नई दिल्ली का रुख समान है। उन्होंने कहा कि इन सुझावों के बारे में कुछ नया नहीं है।

पिछले दिनों बातचीत से पहले पर्रिकर ने अपने चीनी समकक्ष चांग वानकुआन से कहा कि एलएसी को लेकर स्पष्टता से दोनों देशों के सैनिकों के बीच तनाव कम होगा जो इन इलाकों में आक्रामकता के साथ गश्त लगाते हैं। सीमा वार्ता के बारे में चीनी विदेश मंत्रालय ने बुधवार (20 अप्रैल) रात एक बयान में कहा कि दोनों देशों ने जटिल सीमा मुद्दे को हल करने के लिए ‘शांतिपूर्ण बातचीत’ और ‘उचित, तार्किक और परस्पर स्वीकार्य समाधान’ तक पहुंचने पर सहमति जताई है।

डोभाल और यांग ने एलएसी पर ‘विस्तृत, गहन और ठोस’ बातचीत की है। डोभाल और यांग सीमा मुद्दे के अलावा सभी द्विपक्षीय मुद्दों, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत करने का अधिकारक्षेत्र रखते हैं। सीमा विवाद पर दोनों देशों के अधिकारी कहते हैं कि सीमा वार्ता में प्रगति हुई है तथा उन्होंने विवादित सीमा पर तनाव को टालने के लिए प्रयास भी किए हैं। खबर है कि डोभाल और यांग ने चीन के साथ होने वाले 70 अरब डॉलर के व्यापार में 46 अरब डॉलर का व्यापार घाटा होने को लेकर भारत की चिंता सहित कई दूसरे मुद्दे पर बातचीत की है।

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