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छुट्टियों के लिए 37 दिन के अंदर एक ही महिला से की चार बार शादी, तीन बार दे दिया तलाक

एक हैरान कर देने वाली घटना में, ताइवान में एक व्यक्ति ने एक ही महिला से चार बार शादी की और 37 दिनों के भीतर उसे तीन बार तलाक दिया।

Taiwan, weddingतस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (Pixabay.com)।

एक हैरान कर देने वाली घटना में, ताइवान में एक व्यक्ति ने एक ही महिला से चार बार शादी की और 37 दिनों के भीतर उसे तीन बार तलाक दिया। हैरान कर देने वाली बात ये है कि व्यक्ति ने ऐसा बढ़ी हुई पेड लीव पाने के लिए किया। अनाम व्यक्ति ताइपे में एक बैंक में क्लर्क के रूप में काम करता है।

जब व्यक्ति ने छुट्टी के लिए आवेदन किया, तो बैंक ने पहली शादी के लिए 8 दिन की छुट्टी मंजूर की। उन्होंने पिछले साल 6 अप्रैल को शादी कर ली और एक बार जब उनकी शादी की छुट्टी खत्म हो गई, तो उन्होंने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया और अगले दिन फिर से दूसरी शादी की और फिर से छुट्टी मांगी। व्यक्ति ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्हें लगा कि वे इसके कानूनी रूप से हकदार हैं। व्यक्ति ने इसे दोहराया जब तक उसने चार बार शादी नहीं कर ली और तीन बार तलाक नहीं दे दिया। इस तरह, वह कुल 32 दिनों के लिए पेड लीव पाने में कामयाब रहा।

हालाँकि, चीजें वैसी नहीं चलीं जैसी उन्होंने योजना बनाई थी। बैंक ने पता लगाया कि वह क्या करने की कोशिश कर रहा था और उसे अतिरिक्त पेड लीव देने से इनकार कर दिया। बैंक ने उन्हें पहली शादी के लिए केवल 8 दिनों की छुट्टी दी।

अतिरिक्त पेड लीव से इनकार किए जाने के बाद भी, क्लर्क ने चार बार शादी करने और तीन बार तलाक करने की अपनी योजना के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने अपने इम्प्लॉयर के खिलाफ ताइपे सिटी लेबर ब्यूरो में शिकायत दर्ज की और बैंक पर लेबर लीव रूल्स का पालन न करने पर कानून तोड़ने का आरोप लगाया।

कानून के अनुसार, जब वे शादी करते हैं तो कर्मचारी आठ दिनों के पेड लीव के हकदार होते हैं। चूँकि क्लर्क ने चार बार शादी की थी, इसलिए उसे 32 दिनों की पेड लीव मिलनी चाहिए थी।

ताइपे सिटी लेबर ब्यूरो ने मामले की जांच की और फैसला दिया कि इम्प्लॉयर ने श्रम कानून का उल्लंघन किया है। अक्टूबर 2020 में बैंक पर 52,800 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

बैंक ने अपनी अपील में दावा किया कि उसके कर्मचारी ने “शादी की छुट्टी का गलत इस्तेमाल किया है, नियमों के तहत कर्मचारी के पास छुट्टी का वैध कारण नहीं था।”

10 अप्रैल को, बिशि लेबर ब्यूरो ने पिछले फैसले को सही ठहराया और कहा कि क्लर्क का आचरण अनैतिक था। हालांकि, बैंक ने लेबर लीव नियमों का उल्लंघन किया था।

अब सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर जमकर चर्चा हो रही है कि ताइवान के श्रम कानून में ऐसी खामियां मौजूद हैं।

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