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रूसी सुंदरी से शादी रचाने के बाद मलेशिया के राजा ने गद्दी छोड़ी, अब क्‍या करेंगे पता नहीं

मलेशिया एक संवैधानिक राजतंत्र है, जिसमें एक अनूठी व्यवस्था यह है कि यहां सदियों पुराने शाही शासन के नेतृत्व वाले नौ मलेशियाई राज्यों के शासकों के बीच हर पांच साल में सिंहासन बदला जाता है।

Author January 7, 2019 12:09 PM
रूसी सुंदरी से कथित तौर पर शादी करने के बाद मलेशिया के राजा सुल्तान मोहम्मद वी ने गद्दी छोड़ दी। (एपी फाइल फोटो)

बीते दिनों एक पूर्व रूसी सुंदरी से कथित तौर पर शादी करने और कई दिनों से बीमारी की छुट्टी पर चल रहे 49 वर्षीय मलेशियाई राजा सुल्तान मोहम्मद वी ने आखिरकार सभी प्रकार की अफवाहों पर विराम लगाते हुए रविवार (6 जनवरी) को राज सिंहासन त्याग दिया। मलेशिया में ऐसा पहली दफा हुआ जब किसी राजा ने अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं किया है। सुल्तान मोहम्मद वी 2 वर्षों से गद्दी पर थे। राजमहल की तरफ से सुल्तान के इस्तीफे पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है न ही इसका पीछे कोई कारण बताया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब हफ्ते भर पहले सुल्तान मोहम्मद वी छुट्टी ले लौटे थे। सुल्तान मोहम्मद वी चारपहिया वाहनों के प्रति शौक एक्सट्रीम स्पोर्ट्स में रुचि रखने के लिए सुर्खियों में रहते हैं। शाही घराने के एक लेखानियंत्रक वान अहमद दहलान अब्दुल अजीज ने एक बयान में कहा, ”महाराज ने मलेशिया के लोगों को एकता, सहिष्णुता और साथ काम करने के लिए कहा है।” मलेशिया के इस्लामिक शासक अब अगले राजा के बारे में फैसला करेंगे।

मलेशिया एक संवैधानिक राजतंत्र है, जिसमें एक अनूठी व्यवस्था यह है कि यहां सदियों पुराने शाही शासन के नेतृत्व वाले नौ मलेशियाई राज्यों के शासकों के बीच हर पांच साल में सिंहासन बदला जाता है। सुल्तान मुहम्मद नवंबर में जब छुट्टी पर गए थे तब उनके सिंहासन पर लौटने के बारे में अटकलें चल रही थीं। मीडिया में खबरें आई थीं कि सुल्तान ने पूर्व मिस मॉस्को से एक भव्य समारोह में शादी कर ली। हालांकि, शाही अधिकारियों ने अब तक सुल्तान की शादी पर कोई टिप्पणी नहीं की है और न ही उनके स्वास्थ्य के बारे में कोई जानकारी दी है।

मीडिया में ऐसी खबरें भी आईं कि राजसिंहासन और प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के बीच तनाव चल रहा था। पिछले हफ्ते एक ब्लॉग पोस्ट सुर्खियों में आई थी जिसमें कहा गया था कि अपने 22 वर्षों के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद राजसिंहासन को चुनौती देने के लिए जाने जाते रहे हैं। पिछले वर्ष जून में सरकार और राजसिंहासन ने एक गैर-मलय को अटॉर्नी जनरल की रूप में नियुक्त करने की योजना पर दो हफ्ते तक गतिरोध का सामना किया था। राजा ने आखिरकार नियुक्ति को मंजूरी दे दी थी, हालांकि कहा जाता है कि इस घटना ने नस्लीय तनाव बढ़ाने का काम किया था।

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