अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का युद्ध शुरू हुए एक महीने से ज्यादा हो चुका है। इस युद्ध में ईरान सरेंडर करने को तैयार नहीं है। अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान की नौसेना, एयर फोर्स और मिसाइल क्षमता को काफी हद तक तबाह कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। उसकी ओर से खाड़ी देशों को निशाना बनाया जा रहा है। यहां तक दावा किया गया है कि अमेरिका के दो फाइटर जेट भी मार गिराए गए हैं।

इन तमाम चुनौतियों के बीच ईरान, अमेरिका और इजरायल जैसी शक्तियों के सामने इसलिए डटा हुआ है क्योंकि उसने कम कीमत में ज्यादा तबाही मचाने वाले शाहेद ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। इसे “कामिकाज़े ड्रोन” भी कहा जाता है।

ईरान ने 2021 में शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल शुरू किया था। इसके बाद 2022 में रूस ने भी यूक्रेन युद्ध में इन्हीं ड्रोन का इस्तेमाल किया, जिससे इनकी मारक क्षमता पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई।

नीचे दिए गए इंफोग्राफिक के जरिए आप ईरान की इस अहम ताकत-शाहेद ड्रोन के बारे में आसानी से समझ सकते हैं। यह एक मूविंग इंफोग्राफिक है, जिसमें ड्रोन की मूवमेंट और हमले का तरीका भी दिखाया गया है कि कैसे खाड़ी देशों को निशाना बनाया जाता है।

ईरान का घातक हथियार – ड्रोन विश्लेषण
शाहेद-136: कम कीमत, बड़ी तबाही
ईरान का कामिकाज ड्रोन – घुमावदार उड़ान पथ पर हमला
ईरान इराक सीरिया यमन सऊदी अरब यूक्रेन रूस खाड़ी UAE BHR सनआ लॉन्च पॉइंट तेहरान मुख्यालय यूक्रेन हमले का निशाना खाड़ी टारगेट 2000-2500 किमी कम ऊंचाई पर उड़ान रडार डिटेक्शन मुश्किल स्पीड: 185 किमी/घंटा GPS + INS गाइडेड
लॉन्च पॉइंट
ड्रोन उड़ान पथ
टारगेट
शाहेद-136 ड्रोन
खाड़ी रूट ड्रोन
शाहेद-136 – तकनीकी विशेषताएं
लंबाई
3.5 मीटर
विंगस्पैन
2.5 मीटर
वजन
200 किग्रा
वॉरहेड
30-50 किग्रा
अधिकतम स्पीड
185 किमी/घंटा
रेंज
2000-2500 किमी
कीमत
20-50 हजार डॉलर
इंजन टाइप
MD-550 पिस्टन
युद्ध में इस्तेमाल
रूस ने इसे Geran-2 नाम दिया। यूक्रेन में इंफ्रास्ट्रक्चर पर हजारों हमले। ईरान ने हूती और हिजबुल्लाह को भी दिया।
मुख्य खतरा
स्वार्म अटैक से एक साथ कई ड्रोन। कम ऊंचाई पर उड़ान से रडार को चकमा। एयर डिफेंस को थका देता है।
शाहेद-136 एक कामिकाज ड्रोन है जो टारगेट से टकराकर खुद को नष्ट करता है। डेल्टा विंग डिजाइन और GPS+INS गाइडेंस से पहले से प्रोग्राम्ड टारगेट पर सटीक हमला करता है। मिसाइल की तुलना में बेहद सस्ता होने के कारण यह आधुनिक युद्ध में बड़ा खतरा बन चुका है।
स्रोत: रक्षा विशेषज्ञ रिपोर्ट, OSINT विश्लेषण | सभी भौगोलिक चित्रण अनुमानित हैं।

शाहेद ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी रेंज है। यह करीब 2000 से 2500 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसके साथ ही इसमें 30 से 50 किलोग्राम तक का हाई एक्सप्लोसिव फ्रैगमेंटेशन वॉरहेड लगाया जा सकता है।

मौजूदा युद्ध में भी ईरान इन ड्रोन का इस्तेमाल कर अमेरिका और इजरायल की रक्षा प्रणाली को थकाने की कोशिश कर रहा है। असल में, ईरान सस्ते ड्रोन लॉन्च करता है, जबकि उन्हें रोकने के लिए अमेरिका को बेहद महंगे मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल करना पड़ता है।

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