अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का युद्ध शुरू हुए एक महीने से ज्यादा हो चुका है। इस युद्ध में ईरान सरेंडर करने को तैयार नहीं है। अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान की नौसेना, एयर फोर्स और मिसाइल क्षमता को काफी हद तक तबाह कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। उसकी ओर से खाड़ी देशों को निशाना बनाया जा रहा है। यहां तक दावा किया गया है कि अमेरिका के दो फाइटर जेट भी मार गिराए गए हैं।
इन तमाम चुनौतियों के बीच ईरान, अमेरिका और इजरायल जैसी शक्तियों के सामने इसलिए डटा हुआ है क्योंकि उसने कम कीमत में ज्यादा तबाही मचाने वाले शाहेद ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। इसे “कामिकाज़े ड्रोन” भी कहा जाता है।
ईरान ने 2021 में शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल शुरू किया था। इसके बाद 2022 में रूस ने भी यूक्रेन युद्ध में इन्हीं ड्रोन का इस्तेमाल किया, जिससे इनकी मारक क्षमता पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई।
नीचे दिए गए इंफोग्राफिक के जरिए आप ईरान की इस अहम ताकत-शाहेद ड्रोन के बारे में आसानी से समझ सकते हैं। यह एक मूविंग इंफोग्राफिक है, जिसमें ड्रोन की मूवमेंट और हमले का तरीका भी दिखाया गया है कि कैसे खाड़ी देशों को निशाना बनाया जाता है।
शाहेद ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी रेंज है। यह करीब 2000 से 2500 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसके साथ ही इसमें 30 से 50 किलोग्राम तक का हाई एक्सप्लोसिव फ्रैगमेंटेशन वॉरहेड लगाया जा सकता है।
मौजूदा युद्ध में भी ईरान इन ड्रोन का इस्तेमाल कर अमेरिका और इजरायल की रक्षा प्रणाली को थकाने की कोशिश कर रहा है। असल में, ईरान सस्ते ड्रोन लॉन्च करता है, जबकि उन्हें रोकने के लिए अमेरिका को बेहद महंगे मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल करना पड़ता है।
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