हमला करने वाले ड्राइवर को मस्जिद के इमाम ने बचाया-London van attack: London van attack: Mosque imam saves driver from angry mob - Jansatta
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हमला करने वाले ड्राइवर को मस्जिद के इमाम ने बचाया

लंदन में एक मस्जिद के बाहर नमाजियों के बीच वाहन घुसाने वाले ड्राइवर को जब भीड़ ने घेर लिया तो मस्जिद के इमाम ने ही उसे बचाया।

Author नई दिल्ली | June 19, 2017 5:29 PM
लंदन में एक मस्जिद के बाहर नमाजियों के बीच वाहन घुसाने वाले ड्राइवर को जब भीड़ ने घेर लिया तो मस्जिद के इमाम ने ही उसे बचाया। यह घटना कल देर रात मुस्लिम वेलफेयर हाउस के बाहर हुई।

लंदन में एक मस्जिद के बाहर नमाजियों के बीच वाहन घुसाने वाले ड्राइवर को जब भीड़ ने घेर लिया तो मस्जिद के इमाम ने ही उसे बचाया।  यह घटना कल देर रात मुस्लिम वेलफेयर हाउस के बाहर हुई। सेवन सिस्टर्स रोड पर स्थित इस परिसर में एक मस्जिद है। इस घटना वाला स्थान फिन्सबरी पार्क मस्जिद के निकट है। घटना के समय इलाके में बहुत सारे नमाजी मौजूद थे। वे कुछ देर पहले नमाज पढ़कर मस्जिद से बाहर निकले थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि पुलिस के पहुंचने तक मस्जिद के इमाम मोहम्मद महमूद ने भीड़ से ड्राइवर की रक्षा की। मुस्लिम वेलफेयर हाउस के मुख्य कार्यकारी तौफीक कासमी ने कहा, इमाम मोहम्मद महमूद के साहस ने हालात को शांत करने में मदद की तथा ड्राइवर को किसी तरह के नुकसान से बचाने का काम किया।  इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए।

ब्रिटेन हमले में मारे गए आंतकियों का अंतिम संस्कार करने के लिए कोई इमाम तैयार नहीं हो रहा है। यहां 130 इमामों व मुस्लिम गुरुओं ने ऐलान किया है कि वो इन आतंकियों का पारंपरिक इस्लामी तरीके से अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इन सभी लोगों का कहना है कि इन आतंकियों ने इस्लाम के आदर्शों के खिलाफ जाकर काम किया है। इन्होंने निर्दोष लोगों का बेवजह खून बहाया है। इसलिए ये लोग पारंपरिक इस्लामिक तौर-तरीकों से अंतिम संस्कार किए जाने का हक नहीं रखते।

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह घटना काफी दुखद है। इन आतंकियों का यही अंजान होना था। वे लोग इस्लामिक संस्कार योग्य नहीं हैं। वैसे आमतौर पर हम लोग व्यक्ति के कर्मों की बिना परवाह किए अंतिम संस्कार कर देते हैं। लेकिन इन्होंने इंसानियत और इस्लाम के आदर्शों के खिलाफ जाकर यह गुनाह किया।

समूह ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि हम इन हमलावरों का पारंपरिक रुप से अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। साथ ही हम अपने अन्य धर्मगुरुओं और इमामों से अपील करेंगे कि वे भी इन लोगों का अंतिम संस्कार नहीं करे। उन्होंने कहा, ”इन लोगों ने जो गुनाह किया वो किसी कीमत पर माफी योग्य नहीं है। किसी भी रुप से इन हमलावरों का समर्थन नहीं किया जा सकता है। उनकी गतिविधियां इस्लाम के तालीम के मुताबिक नहीं है।

धर्मगुरुओं ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि इन आतंकियों को नाकाम करने का तरीका एक ही है कि आप सभी लोग एकजुट होकर ऐसी विचारधारा के खिलाफ हो जाए। साथ ही ऐसे लोगों को अपने आस-पास पनपने न दे जो समाज और आपको विभाजित करे। इन लोगों का कोई धर्म-मजहब नहीं होता है। ये इस्लाम के भी दोषी हैं और इंसानियत के भी।

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