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चीन में कैंसिल हुआ LGBT सम्‍मेलन, सरकार ने दी थी धमकी

चीन की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देश के शियान में आयोजित होने वाले एक एलजीबीटी सम्मेलन को इसलिए रद्द कर दिया गया क्योंकि शहर ‘‘समलैंगिक लोगों का स्वागत नहीं करता।

Author बीजिंग | May 31, 2017 3:12 PM
(File Photo)

चीन की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देश के शियान में आयोजित होने वाले एक एलजीबीटी सम्मेलन को इसलिए रद्द कर दिया गया क्योंकि शहर ‘‘समलैंगिक लोगों का स्वागत नहीं करता। देश के सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ की आज की खबर के अनुसार संगठन के चीनी संस्पाथक मैथ्यू ने कहा कि चीन के एलजीबीटी संगठन ‘स्पीक आॅउट’ को रविवार को यह सम्मेलन आयोजित करना था लेकिन स्थानीय सरकार से चेतावनी मिलने के बाद इसे ‘‘रद्द’’ कर दिया गया।

संगठन की वेबसाइट के अनुसार इस सम्मेलन का आयोजन इसलिए किया जा रहा था ताकि एलजीबीटी समूहों के खिलाफ मतभेद को समाप्त किया जा सके और अधिक लोगों तक समूह की आवाज पहुंचाई जा सकें। समूह वर्ष 2014 से विभिन्न शहरों में इस प्रकार के सम्मेलन आयोजित कर रहा है। उसने वर्ष 2015 में शियान में भी इसका आयोजन किया था।

मैथ्यू ने कहा कि संगठन समारोह की योजना बना रहा था। ऐसे में विभिन्न कारणों से कई बार उनके परिसरों की बुकिंग रद्द की गई और संगठन ने अंतत: ‘‘गतिविधि को रद्द’’ करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा संगठन के कुछ सदस्यों को स्थानीय सरकार एवं पुलिस ने पूछताछ के लिए पकड़ लिया। इसके कारण उन्हें रविवार सुबह सात बजे से आठ घंटों तक किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया।
शियान जनसुरक्षा ब्यूरो के एक कर्मी ने ‘ग्लोबल टाइम्स’ को कल बताया कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी नहीं है। सरकारी छुट्टी होने के कारण किसी स्थानीय सरकारी अधिकारी से इस मामले पर बात नहीं की जा सकी। मैथ्यू ने दावा कि उन्हें चेताया गया ‘‘शियान में अब समलैंगिक गतिविधियां नहीं हो सकतीं’’ और ‘‘शियान समलैंगिकों का स्वागत नहीं करता’’।

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वहीं दूसरी ओर बीते सप्ताह की खबर आई थी कि ताइवान समलैंगिक विवाह कानून को मान्यता देने वाला एशिया का पहला देश बना है। यहां की एक अदालत समलैंगिक संगठनों की याचिका पर फैसला सुनायेगी, कि समान लिंग वाले युगलों को विवाह की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं। समलैंगिक कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि निर्णय उनके पक्ष में आयेगा। ताइवान में समान विवाह अधिकार की मांग को लेकर दबाव बढ़ रहा है। लेकिन रूढिवादी समूह इसके विरोध में हैं। उन्होंने कानून में परिवर्तन के खिलाफ जन रैलियां की हैं। उनका मानना है कि इस बहस ने समाज को बांट दिया है।
समलैंगिक विवाह के समर्थकों और विरोधियों के आज दोपहर को मध्य ताइपे में जुटने की संभावना है। इस मुद्दे पर न्यायपालिका का फैसला स्थानीय समयानुसार चार बजे आॅनलाइन पोस्ट किया जायेगा।

इस मामले में 14 वरिष्ठ न्यायाधीशों का एक पैनल फैसला सुनायेगा कि ताइवान का मौजूदा कानून संवैधानिक है या नहीं। ताइवान में समलैंगिक अधिकारों के लिए अभियान छेड़ने वाले अगुआ ची चीआ-वी ही इस मामले को संवैधानिक न्यायालय में लाए। इस मुद्दे पर तीस वर्षों से सक्रिय ची (59) ने एएफपी से कहा कि वे सौ फीसदी आश्वस्त हैं कि फैसला उनके पक्ष में आयेगा।

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