खोजी न्यूजसाइट ड्रॉपसाइट ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े कथित गुप्त दस्तावेज ‘साइफर’ I-0678′ को सार्वजनिक करने का दावा किया है। इमरान खान जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे तब उन्हें एक गुप्त दस्तावेज की मौजूदगी का दावा किया था। इमरान खान ने दावा किया था कि उस दस्तावेज में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा उनकी सरकार को गिराने की बात कही गयी थी। हालाँकि इमरान खान ने उस दस्तावेज का मसौदा सार्वजनिक नहीं किया था। ड्रॉपसाइट ने दावा किया है कि ‘साइफर’ I-0678′ वही दस्तावेज है जिसका जिक्र इमरान खान ने किया था।

ड्रॉपसाइट के अनुसर I-0678 नाम के इस डिप्लोमैटिक दस्तावेज में अमेरिकी विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डोनाल्ड लू और पाकिस्तान के अमेरिकी राजदूत के बीच हुई बातचीत का विवरण है। यह बातचीत अप्रैल 2022 में इमरान खान सरकार के खिलाफ लाए गये अविश्वास प्रस्ताव से ठीक पहले हुई थी।

वर्ष 2022 में इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था जिसमें वह बहुमत साबित नहीं कर सके थे। इमरान खान की सरकार गिरने के बाद पूर्व पीएम नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ के नेतृत्व में नई गठबंन सरकार बनी। साल 2018 में हुए पाकिस्तानी आम चुनाव में इमरान खान की पार्टी पीटीआई को कुल 324 में से 157 सीटों पर जीत मिली थी। साल 2024 में हुए आम चुनाव में इमरान खान की पार्टी को प्रतिबंधित कर दिया गया था और उसे चुनाव नहीं लड़ने दिया गया।

लीक दस्तावेज के अनुसार डोनाल्ड लू ने संकेत दिया था कि अगर इमरान खान को संसदीय प्रक्रिया के जरिए हटाया जाता है तो इस्लामाबाद और वॉशिंगटन के रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। दस्तावेज में यह भी कथित तौर पर कहा गया कि अगर इमरान अविश्वास प्रस्ताव से बच जाते हैं तो पाकिस्तान को अमेरिका और यूरोप से “अलग-थलग” पड़ने का खतरा हो सकता है।

क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि रूस और चीन को लेकर उनकी स्वतंत्र विदेश नीति के कारण अमेरिका ने पर्दे के पीछे रहकर उनकी सरकार गिराने की साजिश रची। हालांकि अमेरिका ने हमेशा इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

अब इस लीक साइफर को इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और उनके समर्थकों द्वारा पाकिस्तान की राजनीति में विदेशी दबाव के सबसे बड़े सार्वजनिक सबूत के रूप में देखा जा रहा है। इस दस्तावेज में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए वाक्य “सब माफ कर दिए जाएंगे” पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। इमरान समर्थकों का दावा है कि इसका मतलब था कि इमरान खान को हटाने और बाद में जेल भेजने के बाद अमेरिका-पाकिस्तान संबंध सामान्य कर दिए जाएंगे।

इमरान खान ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) जैसी बड़ी पार्टियों पर भी विदेशी ताकतों के साथ मिलकर उनकी सरकार गिराने का आरोप लगाया था। दोनों पार्टियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि इमरान को संवैधानिक प्रक्रिया और देश में उपजी राजनीतिक विफलताओं के कारण हटाया गया।

बता दें कि अप्रैल 2022 का अविश्वास प्रस्ताव पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार था जब किसी प्रधानमंत्री को संसदीय प्रक्रिया के जरिए सत्ता से हटाया गया। इसके एक साल बाद इमरान खान को भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराकर जेल भेज दिया गया, जहां वे अब भी बंद हैं।