पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैबा (LeT) के संस्थापक सदस्य आमिर हमजा को लाहौर में गुरुवार को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी है। आमिर को फिलहाल लाहौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत मिली जानकारी के मुताबिक, लाहौर में एक न्यूज चैनल के बाहर हमलावरों ने उस पर गोली चलाई है।

एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार है जब आमिर हमजा पर हमला हुआ है। पिछले साल लाहौर में उनके घर के बाहर अज्ञात बदूंकधारियों ने उसपर गोली चलाई थी, इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में पाकिस्तानी अधिकारियों ने कथित तौर पर उसकी सुरक्षा बढ़ा दी थी।

हाफिद के साथ बनाया था लश्कर-ए-तैबा

10 मई 1959 को पंजाब प्रांत के गुजरांवाला में आमिर हमजा का जन्म हुआ। उसने 1985 और 1986 के बीच आतंकी हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैबा की स्थापना की। आमिर कई आतंकी घटनाओं से जुड़ा हुआ है, जिनमें भारती में किए गए कई हमले भी शामिल हैं। माना जाता है कि बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान पर साल 2005 में हुए आतंकी हमले की योजना बनाने में आमिर ने मदद की थी।

लश्कर-ए-तैबा आतंकी संगठन में हाफिज सईद के बाद आमिर हमजा दूसरे नंबर का नेता है। संगठन के प्रचार-प्रसार को आकार देने में आमिर की अहम भूमिका रही है। अमेरिका ने आमिर हमजा को आतंकी घोषित किया हुआ है।

साल 2012 में अमेरिका के वित्त विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि आमिर हमजा लश्कर-ए-तैबा के केंद्रीय समिति का हिस्सा था और सईद की सीधी देखरेख में संगठन के बाहरी प्रबंधन का काम करता था। साल 2010 तक आमिर हमजा लश्कर-ए-तैब से जुड़े एक कट्टर संगठन का कार्य देखता था। साथ ही यह हाफिज सईद के लश्कर-ए-तैबा विश्वविद्यालय ट्रस्ट में काम करता था।

2010 में आमिर हमला उन तीन वरिष्ठ लश्कर-ए-तैबा आतंकवादियों में एक था जिन्होंने हिरासत में लिए गए आतंकी संगठन के सदस्यों की रिहाई के लिए बातचीत की थी।

हालांकि साल 2018 में, लश्कर-ए-तैबा के वित्तीय मोर्चा, जैसे जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर वैश्विक कार्रवाई के बाद आमिर हमजा ने लश्कर-ए-तैबा से खुद को अलग कर लिया। इसके बाद उसने जैश-ए-मनकाफा नाम से एक अलग गुट बनाया, जो कश्मीर में धन जुटाने और प्रचार अभियानों में लगा हुआ है।

अलग होने के बावजूद, आमिर हमजा को अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने वैश्विक आतंकवादी के रूप में घोषित कर रखा है। अमेरिका उसे लश्कर-ए-तैबा के दशकों से चल रहे भर्ती, कट्टरपंथीकरण और धन उगाहने के अभियानों में एक प्रमुख व्यक्ति मानता है।

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