इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने अपने ऊपर लगे ‘भगोड़े’ के आरोपों को निराधार बताया है। ललित मोदी कहा कि वह बिल्कुल भी भाग नहीं रहे हैं और भारत सरकार के पास बहुत ज़्यादा पैसे हैं। न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि मैं बिल्कुल भी भाग नहीं रहा हूं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पास बहुत ज़्यादा पैसे हैं। अगर वे चाहते, तो मुझे बहुत पहले ही पकड़ सकते थे। बता दें कि ललित मोदी ने 2010 में भारत छोड़ दिया था।

भारत जैसी ग्लोबल सुपरपावर से बचना नामुमकिन- ललित मोदी

ललित मोदी ने दावों को खारिज करते हुए कि वह भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसी ग्लोबल सुपरपावर से बचना नामुमकिन है। ललित मोदी ने कहा, “मैं बिल्कुल भी भाग नहीं रहा हूं। मैं पूरी दुनिया में जा रहा हूं। अगर मैं भाग रहा होता, तो आप मुझे कहीं न कहीं से पकड़ लेते। यह सरकार की गलती नहीं है, यह मीडिया की गलती है।”

जब ललित मोदी से पूछा गया कि क्या वह अपना नाम ऑफिशियली क्लियर करने के लिए भारत लौटने का प्लान बना रहे हैं, तो उन्होंने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता बदल गई हैं। ललित मोदी ने कहा कि अपनी बात साबित करने की इच्छा खत्म हो गई है।

ललित मोदी पर भारत में वित्तीय धोखाधड़ी और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोप हैं। ललित मोदी ने कहा कि उन्हें अलग-थलग किया गया है और उनके खिलाफ केस राजनीतिक रूस से प्रेरित है।

राहुल पर आरोप

ललित मोदी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी हमला किया। राहुल अपनी रैलियों और संसद में भाषणों के दौरान लगातार उन्हें टारगेट करते रहे हैं। ललित मोदी ने कहा, “हर बार जब चुनाव होता है, तो वह मुझ पर हमला करते हैं। वह लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए मेरे नाम का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि मैं क्रिकेट से जुड़ा हूं और क्रिकेट भावनाएं जगाता है।”

चिदंबरम ने मुझे धमकी दी थी- ललित मोदी

2009 के आईपीएल को साउथ अफ्रीका शिफ्ट करने के पीछे के हाई-स्टेक ड्रामा के बारे में बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय के गृह मंत्री मंत्री पी चिदंबरम ने धमकी दी और जानबूझकर टूर्नामेंट को रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया, “चिदंबरम ने मुझे धमकी दी। वह नहीं चाहते थे कि मैं यह (IPL टूर्नामेंट) करूं। राज्यों में BJP सरकारों ने मुझे मैच कराने की परमिशन दी, लेकिन कांग्रेस की राज्य सरकारों ने परमिशन देने से मना कर दिया। मैंने (टूर्नामेंट) साउथ अफ्रीका शिफ्ट करने से पहले 154 बार शेड्यूल बदला। फिर आखिरकार, चिदंबरम का हुक्म आया। वह गृह मंत्री थे। वह सबसे ताकतवर थे।”

भारत सरकार ने बार-बार कहा है कि वह ललित मोदी और विजय माल्या समेत आर्थिक भगोड़ों को देश में कानून का सामना करने के लिए वापस लाने के लिए कमिटेड है। ललित मोदी का यह बयान कुछ महीने पहले लंदन में विजय माल्या के 70वें जन्मदिन की पार्टी का एक वीडियो पोस्ट करके विवाद खड़ा करने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने खुद को और माल्या को भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े कहा था। बाद में उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि उनके बयान को गलत समझा गया।

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बिजनेसमैन और आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने हाल ही में अपनी एक्स गर्लफ्रेंड सुष्मिता सेन का सपोर्ट किया है। पढ़ें पूरी खबर