ताज़ा खबर
 

कुलभूषण जाधव केसः ICJ के फैसले के मद्देनजर पाकिस्तानी संसद में अध्यादेश पेश

गत 20 मई को अधिनियमित ‘ अंतरराष्ट्रीय अदालत समीक्षा एवं पुनर्विचार अध्यादेश 2020' के तहत सैन्य अदालत के फैसले की समीक्षा के लिए एक याचिका इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक अर्जी के माध्यम से अध्यादेश जारी होने के 60 दिन के भीतर दायर की जा सकती है।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | July 27, 2020 10:32 PM
Kulbhushan Jadhav, Islamabad High Court, former naval officer, espionage case, Jadhav case, Kulbhushan case,कुलभूषण जाधव, इस्लामाबाद हाईकोर्ट, पूर्व नौसैन्य अधिकारी, जासूसी मामला, जाधव केस, कुलभूषण केसभारतीय कैदी कुलभूषण जाधव

पाकिस्तान सरकार ने भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले के मद्देनजर सोमवार को विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद नेशनल असेंबली में एक अध्यादेश पेश किया। गत 20 मई को अधिनियमित ‘ अंतरराष्ट्रीय अदालत समीक्षा एवं पुनर्विचार अध्यादेश 2020′ के तहत सैन्य अदालत के फैसले की समीक्षा के लिए एक याचिका इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक अर्जी के माध्यम से अध्यादेश जारी होने के 60 दिन के भीतर दायर की जा सकती है।

भारतीय नौसेना 50 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को अप्रैल 2017 में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने जाधव तक राजनयिक पहुंच से इनकार करने और मौत की सजा को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। हेग स्थित आईसीजे ने जुलाई 2019 में फैसला सुनाया था कि पाकिस्तान को जाधव की सजा की ‘‘प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार’’ करना चाहिए और साथ ही और कोई देरी किये बिना भारत को राजनयिक पहुंच प्रदान करनी चाहिए। ‘जियो टीवी’ के अनुसार कानून के तहत अध्यादेश संसद में पेश होना चाहिए। संसदीय मामलों पर प्रधानमंत्री इमरान खान के सलाहकार बाबर अवान ने अध्यादेश को निचले सदन में पेश किया।

पिछले सप्ताह विपक्षी पार्टियों पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने इसी तरह का एक प्रयास नाकाम कर दिया गया था और सदन में कोरम नहीं होने का उल्लेख करते हुए बहिर्गमन किया था। कानून मंत्री एफ नसीम ने शुक्रवार को विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर ‘राजनीति से बचने’ की अपील की थी और उन्हें चेतावनी दी कि यदि संयुक्त राष्ट्र के फैसले को लागू नहीं किया गया तो भारत मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाएगा।

एकतरफा कदम के तहत पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी जिसमें जाधव के लिए “कानूनी प्रतिनिधि” नियुक्त करने की मांग की गई थी।
हालांकि, अध्यादेश के तहत कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा याचिका दायर करने से पहले भारत सरकार सहित प्रमुख पक्षों से परामर्श नहीं किया गया।

Next Stories
1 भूटान के बहाने भारत को घेरना चाह रहा चीन, सैंक्चुरी की 650 वर्ग किमी जमीन पर जताया अपना दावा, पर उल्टा पड़ा दांव
2 कोरोना से ठीक हुए एक करोड़ लोग: इन चार देशों में 90% से ज्यादा रिकवरी रेट, इन पांच का हाल सबसे खराब
3 दुनिया भर में रिकॉर्ड तोड़ रहा कोरोना, WHO बोला- भूल जाइए पुराने अंदाज में जीना
ये पढ़ा क्या?
X