ताज़ा खबर
 

VIDEO: संसद में चल रही थी वोटिंग, विरोधी सांसदों ने फेंके स्मोक ग्रेनेड

कोसोवो और मोंटेनेगरो के बीच सीमा समझौते को लेकर संसद में वोटिंग होनी थी, तभी विरोधी खेमे की तरफ से कथित तौर पर आंसू गैस के गोले फेंक दिए गए। इससे सदन के भीतर धुआं फैल गया और सांसदों को बाहर जाना पड़ा।

कोसोवो की संसद में सीमा समझौते को रोकने के लिए विरक्षी सांसदों ने आंसू गैस के गोले फेक दिए। (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)

कोसोवो और मोंटेनेगरो के बीच सीमा समझौते को लेकर संसद में वोटिंग होनी थी, तभी विरोधी खेमे की तरफ से कथित तौर पर आंसू गैस के गोले फेंक दिए गए। इससे सदन के भीतर धुआं फैल गया और सांसदों को बाहर जाना पड़ा। लेकिन विरोधियों का यह तरीका भी सीमा समझौते को पास होने से नहीं रोक पाया। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की खबर के मुताबिक कोसोवो की संसद में वहां की विपक्षी सेल्फ-डिटरनिनेशन मूवमेंट पार्टी के सांसदों की तरफ से आंसू गैस के गोले फेंके गए थे। लेकिन कोसोवो के सांसदों ने विवादास्पद और लंबे समय से अटके सीमा समझौते को बुधवार (21 मार्च) को मंजूरी दे दी। दरअसल समझौते में कोसोवो को 8200 हेक्टेयर जमीन का भी नुकसान हो रहा है। विपक्ष कह रहा है कि मोंटेनेगरो के साथ समझौते में कोसोवो को जमीन का नुकसान है, इसीलिये इसीलिए विपक्षी सांसदों ने सीमा समझौते को मंदूरी मिलने से पहले सदन में आंसू गैस के गोल ही छोड़ दिए।

कोसोवो और मोंटेनेगरो के बीच यह सौदा 2015 की यूरोपियन यूनियन की शर्तों के तहत हुआ था। इस समझौते को बरकरार रखने के लिए 120 सदस्यों वाली संसद के दो-तिहाई वोटों का समर्थन जरूरी है। लेकिन विपक्षी इसके खिलाफ मुहिम चला रहे हैं। कोसोवा में अमेरिकी राजदूत ग्रेग डेलवी ने संसद में हुई इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक हथकंडे के तौर पर हिंसा का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होना चाहिए।

इस घटना में दो सांसद घायल भी बताए जा रहे हैं। घटना के वक्त पुलिस सदन में घुसी और जो लोग अंदर डटे हुए थे उनसे बाहर जाने को कहा। आठ लोगों को संसद के सत्र में जाने से रोक दिया गया और सात को पुलिस पूछताछ के लिए ले गए। पुलिस के मुताबिक जिन सांसदों को पहले से संसद में जाने से रोका गया है, वे भी वहां मौजूद थे या नहीं, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। कहा जा रहा ही कि विपक्ष ने दो समूहों में बंटकर संसद के भीतर आंसू गैस के गोले फेंके। पुलिस फिलहाल इस मामले में जांच कर रही है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App