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China-Taiwan: चीन के मुकाबले कहां खड़ा है ताइवान? ड्रैगन के लिए आसान नहीं है युद्ध करना!

चीन और ताइवान के बीच जारी तनाव की स्थिति के बीच चीन ने युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ऐसी चिंताएं शुरू हो गई हैं कि क्या चीन बलपूर्वक ताइवान पर कब्जा कर सकता है।

Taiwan Fighter jet
रनवे पर ताइवान का फाइटर जेट उड़ान भरने की तैयारी में (AP/PTI Photo)

अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (House Of Representative) की स्पीकर नैन्सी पेलोसी (Nancy Pelosi) के ताइवान (Taiwan) दौरे के बाद चीन आगबबूला हो गया है और सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। उसका यह युद्धाभ्यास अभी दो दिन और चलेगा। उधर, अमेरिका ने अपने युद्धपोत को ताइवान के आस-पास तैनात कर दिया है, लेकिन चीन अपने रॉकेट फोर्स की मिसाइलों को दाग रहा है। उसने ताइवान के जलक्षेत्र में कई डोंगफेंग बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।

उधर, ताइवान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि चीन की कार्रवाई में 68 विमानों और 13 युद्धपोतों ने मध्य रेखा को पार किया है। मंत्रालय ने चीन के अभ्यास की निंदा की और कहा कि उसने क्षेत्र में शांति को भंग किया है। मंत्रालय चीन के अभ्यास के युद्धाभ्यास पर करीब से नजर रखे हुए है और संबंधित रक्षा प्रणालियां भी एक्टिव मोड में आ गई हैं।

चीन की इस कार्रवाई ने इन चिंताओं को जन्म दे दिया है कि क्या चीन बलपूर्वक ताइवान पर कब्जा कर सकता है। जैसे-जैसे यह स्थिति बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे नजर आ रहा है कि ताइवान की तुलना में चीनी सेना कितनी मजबूत है। आइए जानते हैं जल, थल और वायु में चीन के मुकाबले कितनी मजबूती से खड़ा है ताइवान-

चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना

चीन की सेना ताइवान की तुलना में कई गुना बड़ी है। 2019 के आंकड़ों के मुताबिक, चीन के पास अब तक दुनिया की सबसे बड़ी सेना है। वर्तमान में चीनी सेना में 20 लाख सक्रिय सैनिक हैं, जबकि, ताइवान में 1.7 लाख सक्रिय सैनिक हैं।

वहीं, रिजर्व फोर्स के मामले में ताइवान पहले नंबर पर है, जबकि चीन छठे नंबर पर है। चीन की रिजर्व फोर्स में 5 लाख कर्मी हैं और 15 लाख रिजर्व के साथ ताइवान का इसमें शीर्ष स्थान है। जब अर्धसैनिक सेवाओं की बात आती है, तो चीन ताइवान से आगे निकल जाता है – ताइपे के 11,500 सैनिकों की तुलना में चीन के पास 6.24 लाख सैनिक हैं।

युद्ध मशीनें

युद्ध टैंकों के मामले में चीन ताइवान से ज्यादा मजबूत है, उसके पास 5,250 टैंक हैं। वहीं, ताइवान के पास केवल 1,110 टैंक हैं। चीन के पास 35,000 बख्तरबंद वाहन होने का भी दावा है जबकि ताइवान के पास सिर्फ 3,472 हैं।

हवाई हमले का सामना करने की क्षमता

वायु में भी चीनी सेना ज्यादा मजबूत है। चीन की वायु सेना के पास कुल 3,285 विमान हैं जबकि ताइवान की सेना 741 बर्ड से बनी है। चीन के पास 1,200 फाइटर जेट हैं और सबसे उन्नत युद्धक विमान J-20 भी शामिल है। वहीं, ताइवान के पास सिर्फ 288 फाइटर जेट हैं।

नौसेना की ताकत

चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है। ताइवान के पास 4 डिस्ट्रॉयर और 22 युद्धपोत हैं, जबकि, चीन 41 डिस्ट्रॉयर और 49 युद्धपोत तैनात कर सकता है। वहीं, चीन पनडुब्बी युद्ध, 9 परमाणु हमले और 6 बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों के साथ बीजिंग शक्तिशाली है। वहीं, ताइवान के पास इनमें से कोई भी नहीं है।

हालांकि, चीन की तुलना में कमजोर होने के बावजूद, उसके लिए ताइवान पर हमला करना इतना आसान नहीं है। अमेरिका और जापान भरोसा दे चुके हैं कि अगर चीन की तरफ से ताइवान पर कोई कार्रवाई की जाती है, तो वो सैन्य सहायता देने के लिए तैयार हैं। अक्टूबर 2021 में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि ताइवान की रक्षा के लिए अमेरिका प्रतिबद्ध है।

वहीं, जून 2021 में जापान के तत्कालीन उप रक्षा मंत्री यासुहिदे नाकायमा ने एक सम्मेलन में कहा, “हमें एक लोकतांत्रिक देश के रूप में ताइवान की रक्षा करनी है।”

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