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किम जोंग नाम हत्या: गिरफ्तार उत्तर कोरियाई रिहा, मलेशिया ने कहा- सबूतों की कमी थी इसलिए रिहा करना पड़ा

उत्तर कोरियाई को रिहा किए जाने से झुंझलाई पुलिस ने कहा कि व्यक्ति षड़यंत्र में शामिल था लेकिन उसके पास अपनी बात साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे।

Author कुआलालम्पुर | March 3, 2017 3:39 PM
उत्तर कोरिया के नेता के सौतेले भाई किम जोंग नाम की हत्या के मामले में गिरफ्तार एकमात्र उत्तर कोरियाई री जोंग चोल (बीच में)। (AP/PTI/3 March, 2017)

उत्तर कोरिया के नेता के सौतेले भाई किम जोंग नाम की हत्या को लेकर प्योंगयांग एवं कुआलालम्पुर के बीच चल रही राजनयिक तनातनी के बीच इस मामले में गिरफ्तार किए गए एकमात्र उत्तर कोरियाई को शुक्रवार (3 मार्च) को रिहा कर दिया गया। उत्तर कोरियाई को रिहा किए जाने से झुंझलाई पुलिस ने कहा कि उसका मानना है कि व्यक्ति षड़यंत्र में शामिल था लेकिन उसके पास अपनी बात साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे। अटॉर्नी जनरल मोहम्मद अपांडी अली ने गुरुवार (2 मार्च) को घोषणा की थी कि री जोंग चोल के खिलाफ आरोप तय करने के लिए अपर्याप्त सबूत हैं और उसे आज (शुक्रवार, 3 मार्च) रिहा कर दिया जाएगा।

इस घोषणा के एक दिन बाद 47 वर्षीय चोल को रिहा कर दिया गया। इसके बाद पुलिस प्रमुख खालिद अबु बकर ने कहा कि उन्हें इस रिहाई पर खेद हो रहा है। उन्होंने किम जोंग नाम के पासपोर्ट में दिए गए नाम का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमारा मानना है कि री जोंग चोल ने किम चोल की हत्या में भूमिका निभाई लेकिन दुर्भाग्य से हमारे पास उसके खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।’ बकर ने मोबाइल पर भेजे संदेश में कहा, ‘हम सबूतों के अभाव के कारण हताश हैं।’

हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इस रिहाई का कारण राजनीतिक या राजनयिक दबाव है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा मामला है। बुलेट प्रूफ जैकेट पहने चोल के वाहन के साथ पुलिस की छह कारों का काफिला था और मोटरसाइकिलें भी साथ चल रही थीं। जिस पुलिस थाने में चोल को रखा गया था, वहां से इस काफिले के निकलने पर सड़कों को सील कर दिया गया था। एक पुलिस अधिकारी ने अपनी नाम नहीं बताने की शर्त पर एएफपी को बताया कि चोल को प्रशासनिक राजधानी पुत्राजया में आव्रजन प्राधिकारियों को सौंप दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि उसे कब उसके देश भेजा जाएगा क्योंकि कुछ यात्रा दस्तावेजों संबंधी मामलों से निपटा जाना बाकी है।’ चोल की रिहाई से दो दिन पहले एक इंडोनेशियाई और एक वियतनामी महिला पर उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की घातक नर्व एजेंट की मदद से हत्या करने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में एक दूत और एक विमानन कंपनी के कर्मी समेत सात उत्तर कोरियाई लोग वांछित हैं।

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