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लंबी दूरी के म‍िसाइल का टेस्‍ट कर सकता है नॉर्थ कोरिया, टेंशन में घिरे अमेरि‍का ने दी चीन को चेतावनी

अमेरिकी सेक्रेटरी आॅफ स्‍टेट जॉन केरी ने कहा क‍ि नॉर्थ कोरिया एक ऐसा छोटा न्‍यूक्‍ल‍ियर हथ‍ियार बनाने में लगा हुआ है, जिसे लंबी दूरी के मिसाइल के जर‍िए अमेरिका के तटीय इलाकों को न‍िशाना बनाया जा सकता है।

चीन के विदेश मंत्री के साथ अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ स्‍टेट जॉन केरी (REUTERS)

अमेरिकी सेक्रेटरी आॅफ स्‍टेट जॉन केरी ने बुधवार को चीन को चेताया कि नॉर्थ कोरिया एक ऐसा छोटा न्‍यूक्‍ल‍ियर हथ‍ियार बनाने में लगा हुआ है, जिसे लंबी दूरी के मिसाइल के जर‍िए अमेरिका के तटीय इलाकों को न‍िशाना बनाया जा सकता है। केरी ने यह भी कहा कि अमेरिका अपने नागर‍िकों को बचाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

केरी चीनी नेतृत्‍व से मुलाकात करने के लिए एक दिन के लिए बीज‍िंग आए थे। यहां उन्‍होंने चीन को चेतावनी दी कि अगर वह नॉर्थ कोरिया के न्‍यूक्‍ल‍ियर क्षमता पर लगाम कसने में नाकाम रहता है तो अमेरिका ऐसे कदम उठा सकता है जो शायद उसके नेताओं को नागवार गुजरे। इन कदमों में एशिया में अमेरिकी सहयोग‍ियों की रक्षा के लिए अमेरिकी डिफेंस सिस्‍टम की तैनाती भी शामिल है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ एक न्‍यूज कॉन्‍फ्रेंस में नॉर्थ कोरिया की बढ़ती न्‍यूक्‍ल‍ियर ताकत पर केरी ने कहा, ”यह एक ऐसा खतरा है, जिसे यूनाइटेड स्‍टेट्स को गंभीरता से लेना चाहिए। हम सुरक्षा को लेकर तनाव नहीं बढ़ाना चाहते, लेकिन जरूरत पड़ने पर हम किसी विकल्‍प से पीछे भी नहीं हटेंगे।”

म‍िसाइल टेस्‍ट की तैयारी कर रहा नॉर्थ
सेटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से ऐसा प्रतीत होता है कि नॉर्थ कोरिया संभवत: लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्‍ट करने की तैयारी कर रहा है। जापान की क्योदो सामाचार एजेंसी ने एक सरकारी सूत्र के हवाले से यह खबर दी। क्योदो ने कहा है कि ये तस्वीरें पिछले कई दिनों में इकट्ठा की गयी हैं जिसमें ऐसा अंदाजा लगता है कि पश्चिमी डोंगचांग-परमाणु स्थल से एक सप्ताह के भीतर मिसाइल प्रक्षेपित किया जा सकता है। जापान का महत्वपूर्ण सुरक्षा सहयोगी अमेरिका नियमित रूप से अंतरिक्ष से उत्तर कोरिया पर निगरानी रखता है जबकि जापान ने भी 2003 में देश के लिए अपनी सेटेलाइट निगरानी प्रणाली शुरू की है। वहीं, दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता किम मिन-सेआॅक ने रिपोर्ट की ना तो पुष्टि की है और न ही खंडन किया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय खुफिया मामलों पर टिप्पणी नहीं करता ।

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