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मुश्किल में करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण! हरी झंडी देने वाले इमरान खान का पाकिस्तान में विरोध शुरू

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 28 नवंबर को सीमा पर अपनी ओर करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखी। इस मौके पर भारत के केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और पंजाब कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी पाकिस्तान में मौजूद थे।

पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा (Photo: AP)

पंजाब के गुरदासपुर जिला स्थित सीमा क्षेत्र को पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा से जोड़ने वाली करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण को ग्रहण लगता दिख रहा है। इस कॉरिडोर के निर्माण को हरी झंडी देने वाले इमरान खान के पाकिस्तान में ही विरोध शुरू हो गया है। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-एफ के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि पीएम इमरान खान ने संसद को विश्वास में लिए बिना ही भारत के साथ करतारपुर कॉरिडोर को खोलने को हरी झंडी दी है।

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, रविवार (2 दिसंबर) को डेरा इस्माइल खान में रहमान ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ जुड़े रूट को बंद कर रहा था, लेकिन तहरीक ए इंसाफ सरकार भारत के नागरिकों को पाकिस्तान आने के लिए एकतरफा कदम उठा रही थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि करतारपुर कॉरिडोर को उनके (इमरान खान) विदेशी मालिकों को खुश करने के लिए खोला गया, खासकर अल्पसंख्यक समूहों को खुश करने के लिए। पाकिस्तान को इस एकतरफा कदम की कीमत चुकानी पड़ेगी। सरकार को यह कदम उठाने से पहले संसद को अपने विश्वास में लेना चाहिए था।

रहमान ने कहा कि पिछली सरकार ने चीन सरकार के साथ सीपीईसी सहमति पर हस्ताक्षर करने के लिए संसद को विश्वास में लिया था। पूर्व प्रधानमंत्री ने भारत के प्रधानमंत्री को सिर्फ निमंत्रण दिया था, इस वजह से उन्हें गद्दार कहा गया था, जबकि वर्तमान प्रधानमंत्री ने भारत को कॉरिडोर की सुविधा उपलब्ध करवा दी। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, “भारत को कॉरिडोर उपलब्ध करवाना और कश्मीर मुद्दे को पीछे धकेल देना क्या देशभक्ति का परिचायक है? गलत आतंरिक और बाहरी नीतियों की वजह से पाकिस्तान अलग हुआ था।” पीटीआई सरकार के 100 दिनों के प्लान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक विपदा के बाद प्रधानमंत्री ने लोगों को धाेखा देने के लिए ‘चिकन-अंडे’ योजना की पेशकश की है।

बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 28 नवंबर को सीमा पर अपनी ओर करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखी। इस मौके पर भारत के केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और पंजाब कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी पाकिस्तान में मौजूद थे। चार किलोमीटर लंबा यह गलियारा भारत के गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान में नारोवाल में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब से जोड़ेगा। इस गलियारे के माध्यम से भारतीय सिख तीर्थयात्री बिना वीजा गुरुद्वारे तक जा सकेंगे। पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर, ननकाना साहिब और नरोवाल में होटल खोलने के लिए सिख संगठनों को भूमि प्रदान करने की योजना बनाई है। साथ ही करतारपुर में एक अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन भी बनाएगी।

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