बांग्लादेश में हाल में संपन्न हुए चुनावों में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी जमात-ए-इस्लामी ने नतीजों को चुनौती दी है। जमात-ए-इस्लामी ने रविवार को चुनाव आयोग से 32 सीटों में फिर से वोटों की गिनती कराने की मांग की। जमात-ए-इस्लामी का कहना है कि इन सीटों पर उसके उम्मीदवारों को हराया गया था।
चुनाव नतीजे शुक्रवार को घोषित किए गए थे।
तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने 49.97 प्रतिशत मतों और 209 सीट के साथ दो-तिहाई बहुमत से सत्ता हासिल की जबकि जमात-ए-इस्लामी ने 31.76 प्रतिशत मतों और 68 सीट के साथ अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
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चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत
जमात-ए-इस्लामी ने रविवार को चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत दर्ज कराने के बाद जमात के वरिष्ठ नेता हामिदुर रहमान आजाद ने कहा, ”हमने 32 ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान की है, जहां हमारे उम्मीदवारों को गलत तरीके से हराया गया।”
आजाद ने चुनाव आयोग के परिसर में पत्रकारों से कहा, ”मतदान की शुरुआत तो अच्छी रही लेकिन अंत अच्छा नहीं रहा।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने 32 सीटों में मतों की दोबारा गिनती की मांग की है। इस बीच, चुनाव आयुक्त अनवारुल इस्लाम ने पत्रकारों को बताया कि यदि आयोग को अदालत से कोई आदेश प्राप्त होता है, तो वह जमात की मांग के अनुसार मतों की दोबारा गिनती पर फैसला करेगा।
अनवारुल इस्लाम ने कहा, “उनकी मांग की जांच और विश्लेषण जरूरी है। कानून उन्हें मौका देता है यदि चुनाव से संबंधित कोई शिकायत हो, तो वे न्यायालय को सूचना दे सकते हैं।” चुनाव आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग मतदान प्रबंधन से संतुष्ट है।
जमात-ए-इस्लामी ने बृहस्पतिवार को हुए चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत को स्वीकार करने वाले फेसबुक संदेश को भी वापस ले लिया।
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