आंतरिक समस्या पर बोले नेपाल के पीएम, कहा- जल्द होगा समाधान - Jansatta
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आंतरिक समस्या पर बोले नेपाल के पीएम, कहा- जल्द होगा समाधान

नेपाल के प्रधानमंत्री के पी ओली ने मंगलवार को कहा कि नेपाल की आंतरिक समस्या का शीघ्र हल हो जाएगा क्योंकि आंदोलनकारी मधेसी दलों के साथ वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

Author काठमांडू | March 16, 2016 2:52 AM

नेपाल के प्रधानमंत्री के पी ओली ने मंगलवार को कहा कि नेपाल की आंतरिक समस्या का शीघ्र हल हो जाएगा क्योंकि आंदोलनकारी मधेसी दलों के साथ वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

विदेश सचिव एस जयशंकर के साथ भेंट के दौरान नेपाल में भारतीय निवेशों को सुरक्षा प्रदान करने की कटिबद्धता व्यक्त करते हुए ओली ने भारत से और निवेश का आह्वान किया। उन्होंने जयशंकर से कहा कि नेपाल भारतीय निवेशों को उच्च प्राथमिकता देता है।

उन्होंने कहा कि नेपाल की आंतरिक समस्या का हल शीघ्र हो जाएगा और सरकार की आंदोलनकारी मधेसी दलों के साथ वार्ता सकारात्मक दिशा की ओर बढ़ रही है। दक्षेस की बैठकों में शिरकत करने नेपाल पहुंचे जयशंकर ने सिंधुदरबार में प्रधानमंत्री से उनके कार्यालय में भेंट की और फिर उसके बाद वह विदेश सचिव स्तरीय दक्षेस बैठक में शामिल होने के लिए रमणीय स्थल पोखरा रवाना हो गए।

जयशंकर से भेंट के दौरान ओली ने कहा कि नये संविधान की उद्घोषणा के बाद नेपाल अब आर्थिक समृद्धि के रास्ते पर चलने के लिए तैयार है और हमें भारत के सहयोग एवं सहायता की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ओली के विदेश मामले के सलाहकार गोपाल खनाल के अनुसार जयशंकर ने कहा कि हम नेपाल में स्थायित्व एवं विकास देखना चाहते हैं क्योंकि भारत की सुरक्षा नेपाल की समृद्धि से जुड़ी है।

जयशंकर ने वर्तमान स्थिति में निर्णायक भूमिका निभाने पर प्रधानमंत्री की सराहना भी की क्योंकि नेपाल संकट का सामना कर रहा था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को नेपाल सरकार पर विश्वास है और जिस किसी तरह भारत मदद कर सकता है, वह नेपाल की मदद करने को तैयार है।

इसी बीच जयशंकर आंदोलनकारी यूनाईटेड डेमोक्रेटिक मधेसी फ्रंट के नेताओं से भी मिले और उन्होंने उनके साथ वर्तमान राजनीतिक स्थिति एवं मधेसी समस्याओं पर चर्चा की। भेंट के दौरान जयशंकर ने मधेसी नेताओं से कहा कि भारत यह देखना चाहता है कि नेपाल अपनी आतंरिक समस्या का आतंरिक रूप से हल करे तथा उन्होंने इस बात के लिए चेताया कि भारत की सीमा से सटे दक्षिणी मैदान में खड़ी होने वाली किसी भी समस्या का भारत की सुरक्षा पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

मधेसी फ्रंट के सदस्यों में एक सद्भावना पार्टी के उपाध्यक्ष लक्ष्मण लाल कर्ण ने कहा कि मधेसी नेताओं ने जयशंकर को तराई की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया और मधेसी आंदोलन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मधेसी फ्रंट की मांगें पूरी करने की दिशा में पहल नहीं करती है तो उसे फिर आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होने पड़ेगा।

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